रायपुर। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का मुद्दा एक बार फिर सियासत के केंद्र में है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और आदिवासी नेता अरविंद नेताम के नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक कार्यक्रम में दिए बयान ने विवाद को हवा दे दी है। नेताम ने कहा था, “बस्तर में धर्मांतरण को लेकर आदिवासी समाज और संघ को मिलकर काम करना चाहिए।” इस बयान के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
बघेल ने उठाया नेताम की विचारधारा पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नेताम पर तंज कसते हुए कहा, “वे कभी कांग्रेस, कभी बीएसपी, कभी बीजेपी, फिर खुद की पार्टी और अब संघ में हैं। पहले वे खुद बताए कि उन्होंने कितनी बार ‘मतांतरण’ किया है?” बघेल ने कहा कि नेताम अब जाकर धर्मांतरण की बात कर रहे हैं, जबकि वे दशकों से बस्तर में सक्रिय हैं और मंत्री भी रह चुके हैं।
“भाजपा राज में हुआ सबसे ज्यादा धर्मांतरण” — भूपेश बघेल
भूपेश बघेल ने कहा कि धर्मांतरण कहने से नहीं, ठोस नीति से रुकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि रमन सिंह और वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में सबसे ज्यादा धर्मांतरण हुआ है। उन्होंने कवर्धा का हवाला देते हुए कहा कि, “यहां सबसे ज्यादा मामले सामने आए, जबकि यहीं से गृहमंत्री आते हैं। वे क्या कर रहे हैं?”
उन्होंने भाजपा पर आदिवासियों को हिंदू-ईसाई के आधार पर बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह ‘डबल गेम’ है। “आंकड़े निकालिए, सबसे ज्यादा चर्च कब बने और कब धर्मांतरण हुआ — जवाब मिल जाएगा।”
भाजपा का पलटवार: “कांग्रेस कार्यकाल में आदिवासियों पर लाठियां चलीं”
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी ने बघेल के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार में धर्मांतरण का विरोध करने वाले आदिवासियों पर लाठियां चलाई गईं और पुलिस ने उनके सिर फोड़े।
चिमनानी ने कहा, “23 दिसंबर 2022 को भूपेश बघेल ने दिल्ली में ईसाई मिशनरी के नेताओं से मुलाकात की थी, लेकिन एक बार भी आदिवासियों की बात नहीं की।”
“अब कार्रवाई हो रही है तो कांग्रेस बना रही रोड़ा”
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान में जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार अवैध धर्मांतरण स्थलों पर कार्रवाई करती है, तब कांग्रेस के नेता ही रोड़ा बनते हैं। उन्होंने बिलासपुर विधायक अटल श्रीवास्तव पर महिला पुलिस अधिकारी को धमकाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार धर्मांतरण के खिलाफ सख्त है और जबरन धर्मांतरण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में धर्मांतरण को बढ़ावा मिला और अब वही पार्टी नैतिकता का पाठ पढ़ा रही है।