
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में धमधा मंडल कांग्रेस के कोषाध्यक्ष प्रकाश सिंह कश्यप की लूट के दौरान हुई हत्या के मामले में पुलिस ने तीन नाबालिग समेत चार आरोपियों को पकड़ लिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने रास्ता पूछने की घटना को ही वारदात का आधार बनाया और सुनसान जगह पर बाइक रोककर हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार 2 अगस्त की रात ग्राम तुमाकला निवासी चोवाराम लोधी, उनके परिचित भूषण पटेल और प्रकाश सिंह कश्यप जुनवानी स्थित एक अस्पताल से लौट रहे थे। रास्ता भटकने पर उन्होंने एक बाइक पर सवार चार युवकों से दुर्ग-धमधा मार्ग का पता पूछा। आरोपियों ने उन्हें रास्ता बताया, लेकिन इसके बाद उनकी बाइक का पीछा करना शुरू कर दिया।
सुनसान जगह पर रोकी बाइक
देर रात करीब दो बजे जब तीनों जय गजानंद ट्रक श्रृंगार के सामने दुर्ग-धमधा रोड पर पहुंचे, तब आरोपियों ने उनकी बाइक के सामने डंडा अड़ाकर रोक लिया। इसके बाद डंडों से हमला कर मोबाइल और नकदी लूटने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक जब प्रकाश सिंह कश्यप ने विरोध किया, तो एक आरोपी ने धारदार हथियार से उन पर लगातार कई वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल प्रकाश सिंह को जिला अस्पताल दुर्ग ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दो साथी किसी तरह बच पाए
वारदात के दौरान आरोपियों ने चोवाराम लोधी और भूषण पटेल के साथ भी मारपीट की। उनकी जेब से करीब चार हजार रुपए और अन्य सामान लूटकर आरोपी मौके से फरार हो गए। दोनों साथी किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे। घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 और जेवरा सिरसा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। हत्या और लूट का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
एक बालिग, तीन नाबालिग हिरासत में
जांच के दौरान पुलिस ने दुर्ग, भिलाई और धमधा मार्ग पर लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर कादम्बरी नगर, मोहन नगर निवासी 19 वर्षीय आदर्श उर्फ लाल को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा तीन विधि से संघर्षरत बालकों को भी अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई बाइक, धारदार हथियार, पाइप, डंडा और लूटी गई नकदी बरामद कर ली है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि आरोपी देर रात सुनसान सड़कों पर राहगीरों को निशाना बनाकर लूटपाट करते थे।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
कांग्रेस नेता की हत्या के बाद दुर्ग जिले में कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हाल ही में पुलिस ने नई डायल-112 और पेट्रोलिंग गाड़ियों के जरिए रात्रि गश्त मजबूत करने के दावे किए थे, लेकिन मुख्य सड़क पर इस तरह की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है। घटना के बाद कांग्रेस पदाधिकारियों ने पुलिस की तत्काल कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया था। उनका कहना है कि दुर्ग-धमधा मार्ग पर पहले भी आपराधिक गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की आवश्यकता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि वे किसी संगठित लूट गिरोह से जुड़े हैं या नहीं।