दुर्ग-भिलाई। दुर्ग-धमधा मुख्य मार्ग स्थित शिवनाथ नदी में गुरुवार सुबह एक ढाबा संचालक ने कथित तौर पर छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान पथरिया चौक निवासी एवं ढाबा संचालक संजय ओझा के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शव को नदी से बाहर निकाला गया। पुलिस के अनुसार संजय ओझा रोज की तरह सुबह घर से निकले थे। परिजनों को लगा कि वे अपने ढाबे जा रहे हैं, लेकिन वे सीधे शिवनाथ नदी पुल के पास पहुंचे और वहां से नदी में छलांग लगा दी। पुल के आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें डूबते देखा तो शोर मचाया और तत्काल पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक वे पानी में डूब चुके थे। सूचना मिलते ही धमधा और नंदिनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग से SDRF की टीम को बुलाया गया। गोताखोरों ने नदी में लगातार तलाश अभियान चलाया और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद शव बरामद किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं
पुलिस की प्रारंभिक जांच में घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। आर्थिक परेशानी, पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव या अन्य किसी कारण की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। नंदिनी थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों और मृतक के करीबियों से पूछताछ की जाएगी ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिवार के बयान मिलने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि संजय ओझा लंबे समय से पथरिया चौक क्षेत्र में ढाबा संचालित कर रहे थे और इलाके में परिचित चेहरा माने जाते थे। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।