“कांग्रेस सिंडिकेट ने लूटा छत्तीसगढ़, अब जेल ही ठिकाना” — सदन में गरजे सीएम साय,कहा -“भ्रष्टाचार के सौदागरों को बख्शेंगे नहीं”

रायपुर। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने पिछली कांग्रेस सरकार को “भ्रष्टाचार स्पेशलिस्ट” बताते हुए कहा कि प्रदेश में व्यवस्थित लूट का तंत्र खड़ा किया गया था, जिसे वर्तमान सरकार ने ध्वस्त करने का काम शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “कांग्रेस सिंडिकेट” ने कोयला, शराब और डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) जैसे मामलों में भ्रष्टाचार की कोई सीमा नहीं छोड़ी। उन्होंने दावा किया कि कई आरोपियों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और आने वाले समय में और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। साय ने दो टूक कहा कि भ्रष्टाचार पर सरकार का रुख शून्य सहनशीलता का है।
नक्सलवाद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और तय लक्ष्य के अनुरूप प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में तेज प्रगति हो रही है। उन्होंने कहा कि जहां पहले स्कूलों को नुकसान पहुंचाया जाता था, वहीं अब बस्तर क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार दिखाई दे रहा है। पुनर्वास नीति के तहत बड़ी संख्या में नक्सलियों के आत्मसमर्पण को उन्होंने सकारात्मक संकेत बताया।

विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सुशासन, सुरक्षा और विकास के त्रिस्तरीय संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। बस्तर पंडुम में 54 हजार कलाकारों के पंजीयन को उन्होंने सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बताया। नवा रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित कर रहा है। धार्मिक-सामाजिक योजनाओं के तहत रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से हजारों लोगों को लाभ मिलने की बात कही गई। चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ कर तेंदूपत्ता संग्राहकों को राहत देने का दावा भी मुख्यमंत्री ने किया। आवास और कृषि क्षेत्र में उपलब्धियां गिनाते हुए साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाखों आवास पूर्ण किए गए हैं। धान खरीदी, अंतर राशि भुगतान और सिंचाई परियोजनाओं में निवेश बढ़ाया गया है। रोजगार के मोर्चे पर 32 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नया अधिनियम लाने की घोषणा भी की गई।

ऊर्जा क्षेत्र में “हाफ बिजली बिल” से आगे बढ़ते हुए सस्ती और स्थायी ऊर्जा की दिशा में कार्य करने की बात कही गई। सोलर पैनल स्थापना पर सब्सिडी और वैकल्पिक ऊर्जा मॉडल को भविष्य की जरूरत बताया गया। मनरेगा के विकल्प के रूप में “जी राम जी योजना” के तहत 125 दिन रोजगार सुनिश्चित करने का भी उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद और भ्रष्टाचार प्रदेश के विकास की दो बड़ी बाधाएं रही हैं, जिन पर सरकार ने निर्णायक प्रहार शुरू कर दिया है। चर्चा के बाद सदन ने राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता प्रस्ताव पारित कर दिया।

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