
FIR वापसी तक नहीं हटेगी कांग्रेस! खम्हारडीह थाने के बाहर 15 घंटे से जारी धरना, पुलिस पर लगाए पक्षपात के आरोप
रायपुर। राजधानी रायपुर में पत्थरबाजी प्रकरण को लेकर कांग्रेस और पुलिस के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज एफआईआर के विरोध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में खम्हारडीह थाना के बाहर शुरू हुआ धरना 15 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी जारी है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली जाती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
रातभर थाने के बाहर डटे रहे कार्यकर्ता
खम्हारडीह थाने के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पूरी रात धरने पर बैठे रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए केवल कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाया है, जबकि पूरे घटनाक्रम में दूसरी पक्ष की भूमिका की अनदेखी की गई।
12 नेताओं पर एफआईआर के बाद बढ़ा विवाद
भाजपा के कांग्रेस मुख्यालय घेराव के दौरान हुए बवाल के बाद पुलिस ने कांग्रेस के 12 नेताओं सहित कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड तोड़े गए, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई और पथराव की घटना में 16 पुलिसकर्मी घायल हुए।
दीपक बैज ने सरकार पर साधा निशाना
धरना स्थल से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही थी, लेकिन सरकार ने दमनात्मक कार्रवाई की।
भाजपा नेताओं पर भी कार्रवाई की मांग
धरने के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, विधायक राजेश मूणत और विधायक पुरंदर मिश्रा के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की और केवल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि उनके नेताओं पर दर्ज एफआईआर वापस नहीं ली गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल खम्हारडीह थाने के बाहर धरना जारी है और मामले को लेकर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।