
राज्य स्तरीय कार्यशाला में नशामुक्त समाज और वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान का लिया संकल्प, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर विशेषज्ञों ने साझा किए सुझाव
रायपुर। समाज कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा रायपुर में “सुचारु एवं सशक्त केयर इकोनॉमी के निर्माण” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार, संचालक रणवीर शर्मा, राज्य आयुक्त दिव्यांगजन रामजीवन देवांगन, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, विषय विशेषज्ञ और विकास सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि केयर इकोनॉमी केवल सामाजिक कल्याण का विषय नहीं, बल्कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारभूत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वृद्धजन, दिव्यांगजन, महिलाओं और बच्चों के लिए सम्मानजनक, सुरक्षित और समावेशी व्यवस्था विकसित करना समय की मांग है। केयर सेक्टर में निवेश से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, महिलाओं की कार्यभागीदारी बढ़ेगी और समाज अधिक संवेदनशील एवं समावेशी बनेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा, दिव्यांगजन कल्याण, वृद्धजन सेवाओं, पुनर्वास, कौशल विकास तथा महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने सभी विभागों से समन्वय (कन्वर्जेंस) के साथ कार्य कर मजबूत केयर इकोनॉमी विकसित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण, वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और उनकी बेहतर देखभाल का सामूहिक संकल्प लिया। साथ ही वृद्धजनों के सम्मान, सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील रहने तथा सकारात्मक सामाजिक वातावरण बनाने की शपथ भी दिलाई गई।
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान के डॉ. ए.सी. रेड्डी ने विकसित भारत में केयर इकोनॉमी की भूमिका पर व्याख्यान दिया। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस. ने रोजगार सृजन की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने वरिष्ठ नागरिकों के पोषण और केयर मॉडल की जानकारी दी। वहीं यूनिसेफ, हेल्पएज इंडिया, टाटा ट्रस्ट्स, एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेज, राइट्स एंड इंक्लूजन इंडिया, राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र और श्रम विभाग के विशेषज्ञों ने बाल संरक्षण, वृद्धजन देखभाल, दिव्यांगजन पुनर्वास, मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और डिजिटल केयर मॉडल सहित विभिन्न विषयों पर अपने अनुभव साझा किए।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को अलग-अलग समूहों में विभाजित कर राज्य में केयर इकोनॉमी को मजबूत बनाने के लिए सुझाव तैयार किए गए। इन अनुशंसाओं पर विस्तृत चर्चा की गई, जिन्हें विभाग की आगामी नीतियों और कार्ययोजनाओं में शामिल करने पर विचार किया जाएगा। समापन अवसर पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यशाला से प्राप्त सुझाव छत्तीसगढ़ में सुदृढ़, समावेशी, संवेदनशील और रोजगारोन्मुखी केयर इकोनॉमी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा राज्य को इस क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होंगे।