YC न्यूज़ डेस्क | मोदी सरकार के 11 साल पूरे होने पर कांग्रेस ने बुधवार को देशभर में केंद्र की नीतियों और उपलब्धियों पर सवाल उठाते हुए हमला बोला। इस मौके पर AICC महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिल्ली के इंदिरा भवन में और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर के राजीव भवन में प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र सरकार पर विफलताओं की झड़ी लगा दी। इस दौरान कांग्रेस ने ‘जुमला सरकार’ नामक एक विशेष मैगजीन का विमोचन किया, जिसमें पार्टी ने केंद्र की 11 वर्षों की नीतियों और वादों की समीक्षा करते हुए उन्हें विफल करार दिया है।
भूपेश बघेल का हमला: विघटन और विभाजन की राजनीति
दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि बीजेपी की 11 साल की सरकार केवल विघटन और विभाजन की राजनीति पर टिकी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश का हर वर्ग—चाहे वह किसान हो, युवा हो या महिलाएं—अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
“मोदी सरकार हर मंच पर ढिंढोरा पीटती है, लेकिन अगर इन 11 वर्षों की योजनाओं को देखें, तो ये केवल हवा-हवाई साबित हुई हैं,” – भूपेश बघेल।
दीपक बैज: फेक इन इंडिया, नहीं मेक इन इंडिया
रायपुर में PCC अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मोदी सरकार के 11 सालों में मेक इन इंडिया ‘फेक इन इंडिया’ बन गया है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2024 में भारत 105वें स्थान पर पहुंच गया है और हजारों स्टार्टअप बंद हो चुके हैं। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले का भी उल्लेख किया और सरकार की खुफिया विफलता पर सवाल खड़े किए।
युद्ध, व्यापार और ट्रंप की मध्यस्थता पर सवाल
बैज ने ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप के ट्वीट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुप्पी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा “जब युद्ध आतंकियों से था, तो बीच में व्यापार और ट्रंप की भूमिका कहां से आ गई? क्या युद्धविराम अमेरिकी दबाव में किया गया?
काला धन, महंगाई और बेरोजगारी पर कांग्रेस के सवाल
कांग्रेस ने 2014 के ‘100 दिन में काला धन लाने’ के वादे को याद दिलाते हुए सरकार को घेरा। बैज ने कहा कि आज भी देश को उस धन का इंतज़ार है। साथ ही उन्होंने रसोई गैस सिलेंडर, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
छत्तीसगढ़ में डबल इंजन सरकार भी निशाने पर
दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार पूरी तरह से विफल रही है। धान खरीदी, उर्वरक आपूर्ति, पीएम आवास योजना और पेसा कानून के उल्लंघन जैसे मुद्दों को उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार केवल जुमलों में चल रही है। उन्होंने बस्तर के उदाहरण से खनिज संपत्तियों की निजीकरण और बेजा वितरण पर भी गंभीर आरोप लगाए।