दुर्ग के मचांदूर गांव में राम ध्वज लगाने को लेकर आर्मीमैन परिवार और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद – बजरंग दल उतरा समर्थन में, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

दुर्ग। जिले के मचांदूर गांव में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की शाम आर्मीमैन के परिवार और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद ने तूल पकड़ लिया है। आर्मी जवान कौशल निषाद की मां नेहा निषाद ने आरोप लगाया कि उनके घर में लगा भगवान राम का झंडा हटवाने के लिए दो पुलिसकर्मी पहुंचे और इस दौरान बेटे के साथ अभद्र व्यवहार किया।

घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक पुलिसकर्मी जवान को धमकाते हुए कह रहा है – “होशियारी मत मार, दुनिया बिगाड़ दूंगा।” आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने जवान का कॉलर पकड़कर गाली-गलौज की और थाने ले जाने की धमकी दी।

नेहा निषाद ने सवाल उठाया कि “क्या अब अपने घर में धार्मिक प्रतीक लगाने के लिए किसी और समुदाय की इजाजत लेनी होगी?” उन्होंने झंडा हटाने से इंकार कर दिया, जिस पर विवाद बढ़ गया।

मामले ने गंभीर मोड़ तब लिया जब बजरंग दल पीड़ित परिवार के समर्थन में उतर आया। संगठन के संयोजक रवि निगम ने आरोप लगाया कि गांव में हिंदू परिवारों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि गांव के असलम खान, नवाब खान और महमूद खान ने नेहा निषाद के परिवार के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही, आरोप है कि दो पुलिसकर्मी भी नशे की हालत में हमले में शामिल रहे।

बजरंग दल ने आरोप लगाया कि गांव में गौ-तस्करी और अवैध कब्जे जैसी गतिविधियां चल रही हैं और कई बाहरी लोग शासकीय भूमि पर अवैध रूप से रह रहे हैं। संगठन ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

शनिवार को बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस बीच दुर्ग के एडिशनल एसपी अभिषेक सिंह ने कहा कि घटना का वीडियो वायरल हुआ है और जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगे हैं, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है। साथ ही गांव में अवैध रूप से रह रहे लोगों की जांच भी शुरू कर दी गई है और राजस्व विभाग को पत्राचार किया गया है।

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