जामगांव आर। दक्षिण पाटन अंचल में इन दिनों बिजली की आंख-मिचौली ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहले गर्मी में तो अब बरसात के मौसम में लोगों को घंटों बिजली गुल रहने की समस्या से जूझना पड़ रहा है। हल्की बारिश होते ही क्षेत्र के सब स्टेशनों—जामगांव आर, रानीतराई और बेल्हारी—से घंटों बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है।
अघोषित बिजली कटौती से व्यापारी, किसान और विद्यार्थी सहित हर वर्ग प्रभावित है। दुकानों का कामकाज प्रभावित हो रहा है, किसान अपनी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे और विद्यार्थी पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं। लोग खुले तौर पर आरोप लगा रहे हैं कि विद्युत विभाग मनमानी पर उतरा हुआ है और इस समस्या को लेकर कोई गंभीर प्रयास नहीं कर रहा।
जामगांव आर सरपंच एवं सरपंच संघ के अध्यक्ष रूपेंद्र शुक्ला ने कहा कि बिजली की इस आंख-मिचौली ने हर वर्ग को आक्रोशित कर दिया है। “क्षेत्र में कब बिजली आएगी और कब कटेगी, इसकी कोई समय-सारणी नहीं है। कटौती ने लोगों का जीना हराम कर दिया है। बावजूद इसके विभाग आंखें मूंदे बैठा है।”
उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि क्षेत्र में सुचारू रूप से विद्युत आपूर्ति नहीं की गई तो क्षेत्र के सरपंचों और किसानों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर जामगांव आर किसान चौक में चक्काजाम कर जिम्मेदार अफसरों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की जाएगी।
सामाजिक कार्यकर्ता मनीष चंद्राकर ने कहा कि “सरप्लस बिजली वाले राज्य में इस तरह की स्थिति केवल विद्युत विभाग के कुप्रबंधन का परिणाम है। विद्युत विभाग स्थानीय अधिकारी क्षेत्र के नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की नही सुन रहे । विभाग के जिम्मेदार तुरंत इस समस्या पर गंभीरता दिखाएं, अन्यथा जनता का आक्रोश सड़कों पर उतरना तय है।