धमतरी में अंतिम संस्कार को लेकर विवाद, रामपाल पंथ से जुड़े परिवार की महिला का शव ले जाने से ग्रामीणों ने रोका रास्ता,बांस -बल्लियां लगाकर मार्ग किया बंद

धमतरी में अंतिम संस्कार को लेकर विवाद, रामपाल पंथ से जुड़े परिवार की महिला का शव ले जाने से ग्रामीणों ने रोका रास्ता,बांस -बल्लियां लगाकर मार्ग किया बंद

धमतरी, 9 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के श्यामतराई गांव में शनिवार को अंतिम संस्कार को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। रामपाल पंथ से जुड़े परिवार की करीब 50 वर्षीय महिला की मौत के बाद परिजन जब शव को गांव के पारंपरिक मुक्तिधाम ले जा रहे थे, तो कुछ ग्रामीणों ने रास्ता रोककर अंतिम संस्कार का विरोध किया। विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। कई घंटे की समझाइश के बाद प्रशासन की मौजूदगी में महिला का अंतिम संस्कार गांव से बाहर निर्धारित स्थान पर कराया गया।

महिला की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, श्यामतराई निवासी गीता बाई साहू का शनिवार को निधन हो गया था। परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को गांव के मुक्तिधाम ले जा रहे थे। बताया जा रहा है कि मृतका का परिवार पिछले करीब 10 वर्षों से रामपाल पंथ से जुड़ा हुआ था। इसी धार्मिक पहचान को लेकर कुछ ग्रामीणों ने शव को गांव के पारंपरिक मुक्तिधाम में ले जाने पर आपत्ति जताई। देखते ही देखते विवाद की स्थिति बन गई और शव यात्रा को रोक दिया गया।

बांस-बल्लियां लगाकर रास्ता किया बंद

विरोध कर रहे ग्रामीणों ने मुक्तिधाम की ओर जाने वाले रास्ते पर बांस-बल्लियां लगाकर मार्ग बंद कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में पहले ही मुनादी कराई जा चुकी है कि पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों का पालन नहीं करने वाले अथवा अन्य पंथ से जुड़े लोगों का अंतिम संस्कार गांव के पारंपरिक मुक्तिधाम में नहीं किया जाएगा। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और मौके पर तनाव की स्थिति निर्मित हो गई।

पुलिस-प्रशासन ने संभाला मोर्चा

विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। काफी देर तक चली समझाइश के बाद प्रशासन ने गांव से बाहर अंतिम संस्कार के लिए एक स्थान निर्धारित किया। इसके बाद प्रशासन की मौजूदगी में महिला के शव को निर्धारित स्थान पर ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई।

कई घंटे तनावपूर्ण रहा माहौल

अंतिम संस्कार को लेकर विवाद के चलते गांव में कुछ समय तक तनाव का माहौल रहा। हालांकि पुलिस और प्रशासन की सक्रियता के चलते स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं हुई। किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी बनाए रखी गई।

धार्मिक आस्था और अंतिम संस्कार के अधिकार पर उठे सवाल

श्यामतराई की घटना ने धार्मिक आस्था, गांव की पारंपरिक व्यवस्थाओं और अंतिम संस्कार के अधिकार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर ग्रामीण पारंपरिक मुक्तिधाम के उपयोग को लेकर अपनी आपत्ति जता रहे थे, वहीं दूसरी ओर मृतका के परिजनों को गांव से बाहर अंतिम संस्कार करना पड़ा। फिलहाल मामले में प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान या आगे की कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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