सुकमा, 30 मार्च 2026। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 217वीं बटालियन ने सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया दवाइयों का भारी जखीरा बरामद किया है। इस कार्रवाई को नक्सलियों के मेडिकल सपोर्ट सिस्टम पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। यह ऑपरेशन सीआरपीएफ छत्तीसगढ़ सेक्टर के आईजी शालीन, डीआईजी (ऑपरेशन रेंज कोण्टा) राजेश पांडे और 217वीं बटालियन के कमांडेंट विजय शंकर के निर्देशन में चलाया गया। अभियान का नेतृत्व सहायक कमांडेंट रवि शर्मा ने किया, जिसमें 217वीं और 241वीं बटालियन के जवानों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।
जानकारी के अनुसार, जवान वीरम गांव के पास जंगलों में सर्चिंग कर रहे थे, तभी एक टेकरी के पास संदिग्ध सामग्री दिखाई दी। सुरक्षा के मद्देनजर बीडीडीएस टीम को बुलाकर पूरे क्षेत्र की जांच की गई, जिसके बाद दवाइयों का बड़ा डंप बरामद हुआ। बरामद सामग्री में करीब 6 किलो ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड इंजेक्शन, दर्द निवारक और संक्रमण से जुड़ी दवाइयां जैसे फ्लुकोनाजोल, डॉक्सीडैन तथा लगभग 10 किलो फिटकरी शामिल है। इतनी बड़ी मात्रा में दवाइयों की बरामदगी से संकेत मिलता है कि नक्सली इन्हें अपने घायल साथियों के इलाज और आपातकालीन उपयोग के लिए जमा कर रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस डंप से नक्सलियों के स्थानीय सपोर्ट सिस्टम और उनके नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। खास बात यह रही कि पूरे अभियान के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और सभी जवान सुरक्षित लौटे।