रायपुर, 30 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब बिजली भी मोबाइल की तरह प्रीपेड सिस्टम पर चलेगी, यानी उपभोक्ताओं को पहले रिचार्ज कराना होगा, तभी बिजली का उपयोग कर सकेंगे। राज्य सरकार ने इस नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है और पहले चरण में सरकारी कनेक्शनों पर इसे लागू किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य बकाया बिजली बिल की समस्या को खत्म करना और उपभोक्ताओं को बिजली उपयोग के प्रति जागरूक बनाना है। लंबे समय से सरकारी विभागों पर करोड़ों रुपये के बकाया को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, राज्य में करीब 1.72 लाख सरकारी बिजली कनेक्शनों को प्रीपेड सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसके लिए स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है, जिसमें अब तक लगभग 1.5 लाख मीटर लगाए जा चुके हैं। शेष कनेक्शनों में भी जल्द ही मीटर इंस्टॉल कर दिए जाएंगे।
पंचायत भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य सरकारी संस्थानों में विशेष रूप से इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि 1 अप्रैल से सभी सरकारी कनेक्शनों में प्रीपेड सिस्टम पूरी तरह लागू हो जाएगा।
इस नई प्रणाली के तहत उपभोक्ताओं को उतनी ही बिजली मिलेगी, जितना उन्होंने रिचार्ज कराया होगा। बैलेंस खत्म होते ही बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाएगी, जिससे बकाया बिल की समस्या समाप्त हो जाएगी। साथ ही, उपभोक्ता अपने उपयोग पर बेहतर नियंत्रण रख सकेंगे और अनावश्यक खपत में कमी आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बिजली वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन लाने में मददगार साबित होगा। हालांकि, इसके सफल क्रियान्वयन के लिए जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी होगा, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।