
जामगांव आर। दक्षिण पाटन क्षेत्र के प्रमुख केंद्र जामगांव आर में शासकीय अस्पताल (पीएचसी/सीएचसी) की स्थापना और उपतहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने की मांग एक बार फिर जोरदार ढंग से उठी। सुशासन तिहार के समाधान शिविर में ग्राम पंचायत जामगांव आर के सभी वार्डों के नागरिकों ने अस्पताल निर्माण की मांग को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए।
इस दौरान क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता कामता प्रसाद साहू के नेतृत्व में दक्षिण पाटन क्षेत्र की 35 ग्राम पंचायतों के सरपंचों द्वारा हस्ताक्षरित मांगपत्र भी प्रशासन को सौंपा गया। मांग को लेकर जिला पंचायत, जनपद पंचायत तथा ग्राम पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि एकमत नजर आए और क्षेत्र की बढ़ती आबादी तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए जामगांव आर में पीएचसी स्थापना की आवश्यकता पर जोर दिया।
बुधवार को सुशासन तिहार शिविर में पहुंचे सांसद विजय बघेल के समक्ष भी ग्रामीणों ने अपनी मांग दोहराई। पत्रकारों से चर्चा करते हुए सांसद बघेल ने कहा कि पाटन विकासखंड जिले का ऐसा पहला क्षेत्र है जहां पाटन, झिट और कुम्हारी में तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) संचालित हैं। इसी कारण जामगांव आर में नए पीएचसी की स्वीकृति के संबंध में तकनीकी बाधाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं तथा इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भी विशेष पहल करने का अनुरोध किया है। सांसद ने विश्वास जताया कि जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए जामगांव आर में अस्पताल की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। उपतहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने की मांग पर भी सांसद बघेल ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि साय सरकार में इस जनभावना का सम्मान किया जाएगा और इस दिशा में भी जल्द सुखद परिणाम सामने आएंगे ।
• वर्षों पुरानी मांगों के समाधान की बढ़ी उम्मीद, जनप्रतिनिधि हुए एकजुट-
क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य कल्पना साहू, जनपद सदस्य रामकुमार चंद्राकर, सरपंच रूपेंद्र शुक्ला, उपसरपंच मुकेश साहू, पूर्व सरपंच के.एल. साहू, भाजपा नेता कमलेश साहू, मंडल महामंत्री पुरनेन्द्र सिन्हा तथा शासकीय कॉलेज समिति के अध्यक्ष नरेश केला सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि क्षेत्रवासियों की लंबे समय से लंबित दोनों प्रमुख मांगें जल्द पूरी होंगी, जिससे दक्षिण पाटन क्षेत्र को स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुविधाओं का बड़ा लाभ मिलेगा।