जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा शनिवार को बस्तर दौरे पर पहुंचे थे इस दौरान वे सुकमा जिले के चिंगावरम पहुँचे, जहाँ उन्होंने 2013 में नक्सलियों द्वारा किए गए भयावह आईईडी ब्लास्ट की बरसी पर मारे गए नागरिकों और सुरक्षा बलों के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ राज्य के वन मंत्री केदार कश्यप भी मौजूद रहे। चिंगावरम ब्लास्ट की यह बरसी प्रदेश के लिए एक दर्दनाक याद रही, जब नक्सलियों ने यात्री बस को आईईडी से उड़ा दिया था। इस हमले में 15 आम नागरिकों सहित एसपीओ और पुलिसकर्मी मिलाकर कुल 31 लोग मारे गए थे। पीड़ित परिवारों से मिलकर डिप्टी सीएम ने उन्हें ढांढस बंधाया और राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
शांति वार्ता पर बोले डिप्टी सीएम – “कोई चेहरा हो तभी बातचीत संभव”
जगदलपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों द्वारा बार-बार शांति वार्ता के लिए भेजे जा रहे पत्रों को “औचित्यहीन” बताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि वार्ता करनी है तो सामने कोई विश्वसनीय चेहरा आना चाहिए, जिससे बातचीत की प्रक्रिया सार्थक हो सके।
कर्रेगुट्टालू ऑपरेशन पर दिया बयान – “सही समय पर लिया गया निर्णय”
हाल ही में कर्रेगुट्टालू में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए ऑपरेशन पर डिप्टी सीएम ने कहा, “यह ऑपरेशन पूरी तरह उचित और समयोचित था। पहाड़ी पर नक्सलियों ने 9 टन अनाज और 2 टन बारूद छिपा रखा था। इतने बड़े स्तर पर विस्फोटकों और राशन की मौजूदगी इस बात का संकेत थी कि वे किसी बड़ी वारदात की तैयारी कर रहे थे।”
31 नक्सलियों का हुआ था खात्मा
डिप्टी सीएम शर्मा ने बताया कि “डीआरजी, बस्तर फाइटर, सीआरपीएफ, कोबरा और एसटीएफ के संयुक्त ऑपरेशन में 31 नक्सलियों को मार गिराया गया और भारी मात्रा में हथियार एवं विस्फोटक बरामद किए गए। यह ऑपरेशन राज्य की आंतरिक सुरक्षा की दिशा में बड़ी सफलता है।”
पूर्व सीएम पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बस्तर दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय शर्मा ने कहा, “यदि वे पहले इस तरह बस्तर की जमीन पर आते तो शायद आज सरकार से बाहर नहीं होते। हमारी सरकार बस्तर के एक-एक इंच पर संविधान का राज स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
चिंगावरम में दी श्रद्धांजलि
सुकमा पहुंचकर डिप्टी सीएम ने चिंगावरम में 2013 के हमले में मारे गए नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि “यह हमला नक्सलियों की क्रूर मानसिकता का प्रतीक था, जिसमें आम नागरिकों का खून बहाया गया।” इस दौरान वन मंत्री केदार कश्यप ने भी पीड़ित परिवारों के साथ संवेदना व्यक्त की।