
दुर्ग। पाटन ब्लॉक में सामने आए कथित प्लांटेशन घोटाले के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। बुधवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा कमेटी) की बैठक में यह मामला प्रमुखता से उठा, जिस पर समिति ने गंभीर रुख अपनाते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। बैठक की अध्यक्षता दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल ने की। इस दौरान जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में समिति के नवनियुक्त सदस्य सौरभ चौबे ने पाटन क्षेत्र में मनरेगा कन्वर्जेन्स के तहत किए गए वृक्षारोपण कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर पौधरोपण की स्थिति और कागजी आंकड़ों में भारी अंतर है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू ने भी उद्यानिकी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कई स्थानों पर पौधे मौजूद नहीं हैं, फिर भी “पानी देने” के नाम पर मनरेगा मद से भुगतान किया गया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण में जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सांसद विजय बघेल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायत पर प्रशासन त्वरित संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिशचित करें । उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
• जनदबाव के बीच प्रशासन सक्रिय,कलेक्टर ने मांगी रिपोर्ट –
वहीं जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह ने उद्यानिकी विभाग से इस संबंध में विस्तृत जानकारी तलब करते हुए जांच रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि सभी संबंधित विभाग समन्वय स्थापित कर तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करें, ताकि आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध तरीके से की जा सके। उल्लेखनीय है कि इससे पहले इस मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों और आम जनता द्वारा लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। अब दिशा कमेटी की बैठक में मामला उठने और जांच के निर्देश जारी होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या वास्तव में जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या नहीं।