रायपुर, 29 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर प्रदेशभर में चल रहे तीन दिवसीय कलम बंद–काम बंद आंदोलन का सोमवार को व्यापक असर देखने को मिला। इंद्रावती भवन, नवा रायपुर से लेकर जिलों के शासकीय कार्यालयों तक सन्नाटा पसरा रहा, वहीं अनेक शासकीय स्कूलों में ताले लटके रहे। आंदोलन के चलते शासकीय कामकाज लगभग ठप हो गया।
फेडरेशन ने सरकार पर “मोदी की गारंटी” के तहत किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए गहरा असंतोष जताया। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी 11 सूत्रीय मांगें लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
• नवा रायपुर से जिलों तक ठप रहा कामकाज
नवा रायपुर स्थित विभागाध्यक्ष कार्यालयों, निगमों, बोर्डों और शासकीय संस्थानों में अधिकारियों-कर्मचारियों ने पूर्ण समर्थन देते हुए काम बंद रखा। आंदोलन के कारण कई स्थानों पर वरिष्ठ अधिकारियों को भी कार्यालयीन कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। नगरीय निकायों के कर्मचारियों ने अवकाश लेकर आंदोलन में भाग लिया, वहीं विश्वविद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारी भी अवकाश पर रहकर फेडरेशन के समर्थन में सामने आए।
• रायपुर में जोरदार प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा एवं संभाग प्रभारी चंद्रशेखर तिवारी के मार्गदर्शन में रायपुर में आंदोलन खासा प्रभावी रहा। जिला संयोजक पीतांबर पटेल, नवा रायपुर विभागाध्यक्ष कार्यालय अध्यक्ष जय कुमार साहू और नवा रायपुर संयोजक संतोष कुमार वर्मा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों पर तत्काल संवाद की मांग की।
• सभी संभागों में दिखी एकजुटता
दुर्ग संभाग में राजेश चटर्जी के मार्गदर्शन एवं विजय लहरे के नेतृत्व में आंदोलन हुआ। राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम और मोहला-मानपुर जिलों में भी कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।बिलासपुर संभाग में जी.आर. चंद्रा और रोहित तिवारी के मार्गदर्शन में डॉ. बी.पी. सोनी के नेतृत्व में सड़क पर उतरकर विरोध जताया गया।बस्तर संभाग में कैलाश चौहान और टार्जन गुप्ता के मार्गदर्शन में जगदलपुर सहित सातों जिलों में आंदोलन तेज रहा। सरगुजा संभाग में ओंकार सिंह और नृपेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में अंबिकापुर सहित सभी जिलों में कर्मचारियों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।
• अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने दो टूक कहा कि यदि सरकार ने जल्द कर्मचारियों से संवाद नहीं किया और मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो फेडरेशन अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान करेगा। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारी पीछे हटने वाले नहीं हैं।
• फेडरेशन की प्रमुख मांगें
फेडरेशन की प्रमुख मांगों में केंद्र के समान महंगाई भत्ता, DA एरियर्स का GPF में समायोजन, चार स्तरीय समयमान वेतनमान, वेतन विसंगतियों का निराकरण, शिक्षकों को संपूर्ण सेवा लाभ, नियमितीकरण की ठोस नीति, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, 300 दिवस अर्जित अवकाश नगदीकरण एवं सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करना शामिल है।