दुर्ग। शुक्रवार का दिन दुर्ग जिले के लिए विकास और राहत दोनों की दृष्टि से ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की पहली बैठक आयोजित हुई, जिसमें निर्माणाधीन योजनाओं, प्रस्तावित बजट और नए विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। इसी दौरान मुख्यमंत्री के हाथों दुर्ग में प्रदेश के पहले आईटी पार्क का शुभारंभ किया गया, जिससे जिले को मध्य भारत के उभरते आईटी हब के रूप में नई पहचान मिली। आईटी पार्क के शुभारंभ अवसर पर 40 आईटी और टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार, प्रशिक्षण, रिसर्च और स्टार्टअप के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। आईआईटी के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने कहा कि यह पहल उद्योगों को अकादमिक अनुसंधान से जोड़ने के साथ-साथ छात्रों और शोधकर्ताओं को वास्तविक उद्योग आधारित चुनौतियों से जुड़ने का अवसर देगी, जिससे दुर्ग को मध्य भारत के प्रमुख आईटी एवं प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।
ओबीसी छात्रों और ग्रामीण विकास पर फोकस
प्राधिकरण की बैठक में पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिक्षा गुणवत्ता सुधारने पर विशेष चर्चा हुई। छात्रावासों के उन्नयन, रखरखाव और सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के युवाओं को केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर न रहकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाया जाना चाहिए। बैठक में ओबीसी बहुल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, सामुदायिक भवन और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए फंड आवंटन प्रस्तावों पर भी मंथन किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण की भूमिका केवल बजट तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सकारात्मक बदलाव पहुंचे।
वीबी-जी राम जी योजना को बताया क्रांतिकारी
मुख्यमंत्री ने बैठक में वीबी-जी राम जी योजना को ग्रामीण आजीविका के लिए क्रांतिकारी पहल बताया। योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों का रोजगार मिलेगा। मजदूरी का भुगतान एक सप्ताह में होगा और यदि 15 दिनों में भुगतान नहीं हुआ तो 0.05 प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा। योजना का संचालन ग्राम पंचायत स्तर पर किया जाएगा।
चिटफंड निवेशकों को मिली बड़ी राहत
कार्यक्रम के दौरान यश चिटफंड कंपनी के ठगी का शिकार हुए 4601 निवेशकों को उनकी डूबी हुई राशि वापस लौटाई गई। कुल 7 करोड़ 38 लाख 24 हजार 100 रुपए के चेक वितरित किए गए, जिससे वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे निवेशकों को बड़ी राहत मिली।
आईटी पार्क से रोजगार और स्टार्टअप को बढ़ावा
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि दुर्ग में आईटी पार्क की स्थापना जिले और प्रदेश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा दूरगामी कदम है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि शिक्षा, प्रशिक्षण, रिसर्च और स्टार्टअप संस्कृति को भी नई दिशा मिलेगी। भविष्य में दुर्ग-भिलाई को एक सशक्त टेक्नोलॉजी और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। बैठक और कार्यक्रम में डिप्टी सीएम अरुण साव, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण, मुख्यमंत्री के सचिव सुबोध सिंह, वासवराजू सहित सभी विभागों के सचिव, आईजी, कमिश्नर और 17 जिलों के कलेक्टर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।