दुर्ग | दुर्ग जिले के कलेक्टर अभिजीत सिंह का पूरा ध्यान राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने और सुशासन सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। सुशासन तिहार की सफलता को लेकर उन्होंने बताया कि पहले चरण में जिले को कुल 1,19,650 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से अब तक 1,06,452 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है।
कलेक्टर सिंह ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त हर एक आवेदन पर व्यक्तिगत रूप से उनकी नजर है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि कोई भी आवेदन बिना समाधान के नहीं छोड़ा जाए। अब तीसरे चरण के लिए भी आवेदन लिए जा रहे हैं, जिनका पूरी गंभीरता से निराकरण किया जाएगा। इसके लिए जिले में नगरीय निकायों और जनपद पंचायतों के माध्यम से कुल 73 समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कुल प्राप्त 1,19,650 आवेदनों में से 1,15,489 विभिन्न मांगें थीं और 4,161 शिकायतें थीं। दूसरे चरण में इन सभी आवेदनों को स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड किया गया है और संबंधित विभागों को ऑनलाइन और भौतिक रूप से भेजा गया है। अब तक 98.17% मांगों और 69.62% शिकायतों का निराकरण हो चुका है।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि जिले में पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुशासन तिहार इसी दिशा में एक ठोस प्रयास है, जिसका लाभ आम जनता तक सीधे पहुंच रहा है।