दुर्ग। जिला स्तरीय संयुक्त परामर्शदात्री समिति की बैठक पिछले पाँच वर्षों से आयोजित न होने पर तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, दुर्ग के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने जिला प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि समिति की बैठक बुलाने के लिए अब तक 11 बार पत्र प्रेषित किए जा चुके हैं, परंतु मान्यता प्राप्त संगठन के अनुरोधों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
समिति की अंतिम बैठक 05 फरवरी 2020 को हुई थी। शासन के स्पष्ट निर्देश अनुसार परामर्शदात्री समिति की बैठक हर तीन माह में अनिवार्य रूप से आयोजित की जानी चाहिए। सामान्य प्रशासन विभाग, नवा रायपुर द्वारा जारी नवीन निर्देश (पत्र क्रमांक WELF-3001/7/20234-GAD-9, दिनांक 10 नवम्बर 2025) में भी विभाग एवं विभागाध्यक्ष स्तरीय संयुक्त परामर्शदात्री समितियों की बैठक 15 दिसम्बर 2025 तक अवश्य आयोजित करने को कहा गया है।
लेकिन जिले में समिति की बैठक वर्षों से लंबित होने के कारण कर्मचारियों के अनेक महत्वपूर्ण प्रकरण प्रभावित हो रहे हैं। इनमें—विभागीय पदोन्नति,समयमान वेतनमान व क्रमोन्नति,वरिष्ठता सूची का समय पर प्रकाशन,सेवा पुस्तिका का अद्यतन,सेवानिवृत्ति उपरांत देयकों का भुगतान,पेंशन एवं अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण,चिकित्सा और यात्रा भत्ता भुगतान,मातृत्व एवं संतान-पालन अवकाश वेतन आदेश—
जैसे अनेक विषय शामिल हैं, जिन्हें समय पर निपटान न होने से कर्मचारियों में व्यापक असंतोष व्याप्त है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए संघ के जिलाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन–दुर्ग के मीडिया प्रभारी भानु प्रताप यादव ने कलेक्टर दुर्ग को ज्ञापन सौंपकर जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग की है।