दुर्ग। दुर्ग जिले में महिला टीचर के दिनदहाड़े हुए अपहरण का मामला पुलिस ने मात्र 5 घंटे में सुलझा लिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि शिक्षिका का अपहरण किसी गैंग या बाहरी बदमाश ने नहीं, बल्कि वही ऑटो चालक निकला जो पिछले तीन वर्षों से उन्हें रोजाना घर से मूक-बधिर स्कूल तक लाने-ले जाने का काम करता था। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। छावनी थाना क्षेत्र में 28 नवंबर की सुबह हुई इस घटना ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया था। मेडिकल स्टोर संचालक मुकेश साहू ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उनकी पत्नी राधा साहू रोज की तरह शुक्रवार की सुबह ऑटो से स्कूल के लिए निकली थीं, लेकिन स्कूल नहीं पहुंचीं। इसी बीच उनके फोन से एक अज्ञात व्यक्ति ने अपहरण की जानकारी देते हुए 5 लाख रुपये की फिरौती की मांग कर डाली।
फिरौती मांगने वाले ने शिक्षिका का एक वीडियो भी भेजा था, जिसमें उनके मुंह पर पट्टी बंधी थी और सामने गम्छा रखा दिखाया गया था, मानो उन्हें किसी पेड़ से बांधकर रखा गया हो। वीडियो मिलते ही पुलिस सतर्क हो गई और जिले की सभी थाना टीमों को खोजबीन में लगाया गया,तेज़ जांच और तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस ने 5 घंटे के भीतर महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया। जांच में सामने आया कि पूरी साजिश ऑटो चालक इंतखाब आलम ने पैसे के लालच में रची थी।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह तीन साल से शिक्षिका को बच्चों के साथ स्कूल लाता-ले जाता था। इस दौरान उसने अपनी गरीबी और कर्ज की झूठी कहानियां बताकर महिला का भरोसा जीत लिया था। कई बार महिला ने उसकी मदद के लिए पैसे भी दिए थे। बढ़ती लालच के चलते आरोपी ने अपहरण की योजना बनाई और फिरौती न देने पर नुकसान पहुँचाने की धमकी देकर पूरी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक रिमांड में भेज दिया है। पुलिस टीम की तत्परता से महिला शिक्षक को सुरक्षित बचा लिया गया, जिससे शहर में राहत की भावना है।