राहुल गांधी पर दुर्ग सांसद विजय बघेल का तीखा हमला—“चुनाव आयोग ही नहीं, देश से भी मांगें माफी”, बोले- संयुक्त बयान ने कांग्रेस के दावों की खोली पोल

सांसद बोले- संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से पहले तथ्यों का सम्मान करे विपक्ष

दुर्ग। दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पर चुनाव आयोग तथा अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लगातार सवाल उठाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी को अपने बयानों के लिए चुनाव आयोग और देश से माफी मांगनी चाहिए। वे जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। विजय बघेल ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी की हालिया संयुक्त बैठक और बयान के बाद चुनाव आयोग के भीतर निर्णयों को लेकर उठाए गए सवालों पर स्थिति स्पष्ट हुई है। चुनाव आयोग ने कहा है कि उसके सभी प्रमुख निर्णय कानून और आयोग के निर्देशों के अनुरूप लिए गए तथा संबंधित निर्णयों में सर्वसम्मति रही।

सांसद ने कहा कि कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग में मतभेद और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर लगाए गए आरोपों के बीच आयोग के संयुक्त बयान को तथ्यों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने से लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लोगों में भ्रम की स्थिति बनती है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग देश में निर्वाचन प्रक्रिया का संवैधानिक दायित्व निभाने वाली संस्था है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर वर्तमान में मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयुक्त के रूप में सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी का उल्लेख है।

विजय बघेल ने SIR को लेकर भी कांग्रेस के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस प्रक्रिया को लेकर न्यायिक स्तर पर भी सुनवाई हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के 27 मई 2026 के निर्णय के आधिकारिक सारांश के अनुसार बिहार में SIR को वैधानिक आधार और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप माना गया तथा आयोग के पास मतदाता सूची के संदर्भ में सीमित नागरिकता संबंधी जांच का अधिकार भी स्वीकार किया गया। सांसद ने कहा कि चुनाव हारने के बाद कांग्रेस द्वारा कभी ईवीएम तो कभी चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल है तो उसे तथ्यों, दस्तावेजों और निर्धारित संवैधानिक एवं न्यायिक प्रक्रियाओं के माध्यम से उठाया जाना चाहिए।

विजय बघेल ने राहुल गांधी द्वारा ईवीएम सहित विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं को लेकर दिए गए बयानों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस से अपने आरोपों पर पुनर्विचार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के जनप्रतिनिधि भी इसी चुनावी व्यवस्था के माध्यम से निर्वाचित होकर सदनों में पहुंचे हैं, इसलिए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते समय इस तथ्य को भी ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व लगातार संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर रहा है। बघेल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थाओं की आलोचना तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए, न कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के आधार पर।

सांसद ने कहा कि देश की जनता चुनाव प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े विषयों को गंभीरता से देखती है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से चुनाव आयोग के हालिया संयुक्त बयान के बाद अपने पूर्व आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक होने पर माफी मांगने की मांग की। पत्रकार वार्ता में जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, विधायक ललित चंद्राकर, जिला महामंत्री दिलीप साहू, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन और जिला मीडिया प्रभारी राजा महोबिया उपस्थित रहे।

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