
53 पेटी सरकारी शराब बरामदगी के बाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, शुरुआती जांच में प्रशासनिक लापरवाही के संकेत
बालोद। धमतरी में 53 पेटी अवैध शराब जब्ती मामले में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बालोद में पदस्थ आबकारी उप निरीक्षक (SI) आशाराम शाक्य को निलंबित कर दिया है। आबकारी आयुक्त प्रवीण सिंह के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के तहत शाक्य को दुर्ग संभागीय उड़नदस्ता से संबद्ध कर दिया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार शुरुआती जांच में प्रशासनिक लापरवाही के संकेत मिलने के बाद सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलोफर जैन के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है।
25 जुलाई को धमतरी में पकड़ी गई थी 53 पेटी शराब
मामला 25 जुलाई 2026 का है, जब धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र में एक मकान से 53 पेटी अवैध शराब बरामद की गई थी। जांच में पुलिस को पता चला कि जब्त शराब बालोद जिले के अरकार स्थित सरकारी शराब दुकान से संबंधित थी। पुलिस ने इस मामले में खिलानंद उर्फ गोलू साहू और कमलेश साहू को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से—
- 40 पेटी देशी प्लेन शराब
- 5 पेटी देशी मसाला शराब
- 8 पेटी अंग्रेजी शराब
सहित कुल 457.920 बल्क लीटर शराब जब्त की गई थी।
पहले पांच कर्मचारियों को किया गया था बर्खास्त
मामले के सामने आने के बाद आबकारी विभाग ने अरकार शराब दुकान के सुपरवाइजर, दो सेल्समैन और दो सुरक्षा गार्डों को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। विभाग ने शुरुआती जांच में शराब के अवैध वितरण और दुकान से बाहर भेजे जाने के लिए इन कर्मचारियों को जिम्मेदार माना था।
कर्मचारियों ने SI पर लगाए थे गंभीर आरोप
बर्खास्त कर्मचारियों ने बाद में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने अपनी मर्जी से शराब नहीं भेजी थी। उनका दावा था कि आबकारी उप निरीक्षक आशाराम शाक्य ने फोन पर धमतरी के एक व्यक्ति को शराब देने का मौखिक निर्देश दिया था। कर्मचारियों ने कहा कि सरकारी अधिकारी का आदेश समझकर उन्होंने शराब भेजी। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया था कि घटना के बाद पूरे मामले की जिम्मेदारी उन पर डाल दी गई और दबाव बनाकर उनके बयान दर्ज कराए गए। उन्होंने घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने का भी दावा किया था।
SI ने आरोपों को बताया था निराधार
आरोप सामने आने के बाद आशाराम शाक्य ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए सभी आरोपों से इनकार किया था। इसके बाद जिला आबकारी अधिकारी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। विभागीय जांच पूरी होने के बाद अब उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
निलोफर जैन की भूमिका भी जांच के घेरे में
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि निलोफर जैन अरकार देशी कंपोजिट मदिरा दुकान की प्रभारी और मंडल प्रभारी थीं। दुकान के संचालन, निगरानी और प्रशासनिक नियंत्रण से जुड़े बिंदुओं पर उनकी भूमिका की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है।
विभागीय जांच जारी
आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत विभागीय जांच अभी जारी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि सरकारी शराब दुकान से इतनी बड़ी मात्रा में शराब किसकी अनुमति से बाहर भेजी गई, इसमें किन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका रही और क्या विभागीय नियमों का उल्लंघन हुआ। धमतरी में पकड़ी गई 53 पेटी शराब की बरामदगी ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और सरकारी शराब दुकानों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब विभागीय जांच की अगली रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।