
रायपुर। छत्तीसगढ़ की किसान हितैषी नीतियों और प्रभावी धान खरीदी व्यवस्था ने देशभर का ध्यान आकर्षित किया है। इसी कड़ी में महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य मुलाकात कर राज्य के कृषि विकास मॉडल, धान खरीदी व्यवस्था और किसानों के लिए संचालित योजनाओं का अध्ययन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बस्तर की समृद्ध आदिवासी कला एवं संस्कृति के प्रतीक बस्तर आर्ट का स्मृति चिन्ह भेंट किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। खरीफ विपणन वर्ष में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो देश के सबसे बड़े धान खरीदी अभियानों में शामिल है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में लगभग 2700 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से धान खरीदी की जाती है।
उन्होंने कहा कि पंजीयन, तौल, परिवहन और भुगतान की पूरी प्रक्रिया को तकनीक आधारित एवं सरल बनाया गया है, जिससे किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।
राज्य सरकार कृषक उन्नति योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का कार्य कर रही है। साथ ही पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
चर्चा के दौरान महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि राज्य के सीमावर्ती जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिलने वाले समर्थन और प्रशासनिक प्रबंधन को प्रभावी एवं अनुकरणीय बताया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि छत्तीसगढ़ का मॉडल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण है और इसके विभिन्न पहलुओं को महाराष्ट्र में भी अपनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्यों के बीच सफल अनुभवों और नवाचारों का आदान-प्रदान कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के अध्ययन भ्रमण से राज्यों को एक-दूसरे के सफल मॉडलों से सीखने का अवसर मिलता है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, महाराष्ट्र के विधायक डॉ. परिणय फुके, विनोद अग्रवाल, राजू कारेमोरे एवं संजय पुराम, छत्तीसगढ़ मार्कफेड के अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।