दुर्ग। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों दुर्ग विश्वविद्यालय (हेमचंद यादव विश्वविद्यालय) की नई भवन का लोकार्पण करने की तैयारी थी, लेकिन पीएमओ से समय न मिलने के कारण कार्यक्रम टल गया। अब विश्वविद्यालय प्रशासन 15 दिसंबर तक मुख्यमंत्री, राज्यपाल या शिक्षा मंत्री के हाथों भवन का लोकार्पण करवाने की तैयारी में जुटा है।
दुर्ग के पोटियाकला में बना विश्वविद्यालय का नया प्रशासनिक भवन करीब एक साल पहले ही तैयार हो गया था, लेकिन निर्माण में खामियों और अधूरे कार्यों के कारण अब तक हैंडओवर नहीं हो सका है और विवि आज भी 48 साल पुराने जर्जर भवन से ही संचालित हो रहा है।
◆ अंदरूनी कार्य अभी अधूरे, हैंडओवर अटका
करीब 14.92 करोड़ रुपए की लागत से तैयार नए भवन का बाहरी निर्माण पूरा हो चुका है, मगर अंदर मेंटेनेंस, फिनिशिंग और सुविधाओं से जुड़े कार्य अभी तक अधूरे हैं। एसी लगाने का काम जारी है। पीडब्ल्यूडी को सुधार व मेंटेनेंस कार्यों के लिए पत्र भेजा गया है, लेकिन अभी कार्य शुरू नहीं हो पाया है। कुलपति, अधिकारियों और पीडब्ल्यूडी टीम द्वारा भवन का निरीक्षण भी किया जा चुका है, लेकिन कई जरूरी व्यवस्थाएं अभी भी अधूरी बताई जा रही हैं, जिनमें दिव्यांगजनों के लिए रैंप जैसी अनिवार्य व्यवस्था का अभाव भी शामिल है।
◆ पीएमओ को भेजा गया था वर्चुअल लोकार्पण का प्रस्ताव
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने उच्च शिक्षा सचिव के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को नई बिल्डिंग के वर्चुअल लोकार्पण के लिए प्रस्ताव भेजा था। लेकिन व्यस्त कार्यक्रम और समयाभाव के चलते पीएम की सहमति नहीं मिल पाई और कार्यक्रम टालना पड़ा।
जर्जर भवन में चल रहा है विवि का संचालन
वर्तमान भवन 48 साल पुराना है कई बार छत का हिस्सा गिर चुका है,हादसे टलने के कई मामले सामने आए एवं
सुरक्षा और स्पेस, दोनों की भारी कमी बनी हुई है ।
नए भवन के तैयार होने के बावजूद अब तक शिफ्टिंग नहीं हो पाई है। इससे छात्रों और कर्मचारियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
◆ विवि प्रशासन की उम्मीद – जल्द होगा लोकार्पण
कुलपति डॉ. संजय तिवारी ने बताया—“पीएम मोदी का शेड्यूल बहुत टाइट था, इस कारण कार्यक्रम नहीं हो पाया। अब शिक्षा मंत्री, राज्यपाल या मुख्यमंत्री के हाथों लोकार्पण करवाने की तैयारी है। सुधार कार्य के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा गया है। स्थिति स्पष्ट होते ही हैंडओवर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।”
◆ अब अपेक्षा – समयबद्ध सुधार और शिफ्टिंग
स्थानीय शिक्षा जगत और छात्र संगठन लंबे समय से नए भवन में शिफ्टिंग की मांग कर रहे हैं। नया भवन पूरी तरह दुरुस्त होते ही विश्वविद्यालय के कार्यों में सुगमता, छात्रों को बेहतर सुविधाएँ और प्रशासनिक दक्षता बढ़ने की उम्मीद है।
अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि 15 दिसंबर तक मेंटेनेंस कार्य पूरे होते हैं और क्या राज्य स्तरीय समारोह में नई बिल्डिंग का लोकार्पण संभव हो पाएगा।