रानीतराई। दक्षिण पाटन के ग्राम केसरा एवं बोरेन्दा में आयोजित भव्य रामधुनी सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिरकत की और श्रद्धालुजनों को संबोधित करते हुए कहा – “सियाराम जी हम सबके घट-घट में बसे हैं। वे आदि भी हैं और अनंत भी। भले ही समय के साथ स्वरूप बदल गया हो, लेकिन हर ग्राम में रामधुनी आयोजन की परंपरा लगातार चलती आ रही है। हमें भजन-कीर्तन के माध्यम से धर्म, आस्था, संस्कृति और परंपरा को जीवंत रखना होगा, ताकि नई पीढ़ी को आस्था और भक्ति का मार्ग दिखाया जा सके। उन्होंने आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि सनातन धर्म के प्रति समर्पण भाव से कार्य करना और जनमानस को जागृत करना ही इस आयोजन की सार्थकता है।
समारोह में पूर्व जिपं उपाध्यक्षअशोक साहू,आशीष वर्मा (पूर्व ओएसडी), नोमिन ठाकुर (सदस्य जिला पंचायत), दिनेश साहू (सदस्य जनपद पंचायत), कमलेश वर्मा (उपाध्यक्ष जनपद पंचायत), सोहन जोशी, नंदिनी नोहर साहू (पूर्व जनपद सदस्य), डॉ. ईश्वर निषाद, कामेश कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि व गणमान्यजन उपस्थित रहे।
“राम वन गमन पथ ने जोड़ा संस्कृति और आस्था का धागा”–बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और राम वन गमन पथ के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा – “हमने छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा और समर्पण की भावना के साथ माता कौशल्या व भांचा राम के पदचिह्नों को सहेजने का कार्य किया। कांग्रेस शासन काल में चंदखुरी, तुरतुरिया, राजिम, चंपारण, सिहावा, शिवरीनारायण जैसे धार्मिक स्थलों को विकसित करने का प्रयास किया गया।”
इस अवसर पर गजानंद सिन्हा, हीराराम सिन्हा, बसंत सिन्हा, डॉ. के.के. साहू, तेजराम सिन्हा, शिवकुमार साहू (पूर्व सरपंच), हितेश्वर ठाकुर, माधोराम सिन्हा, राजेंद्र सिन्हा, हरिनाथ सिन्हा, कमलेश पटेल, मनहरण सिन्हा, सागर सिन्हा, आकाश यदु, भागवत निषाद, गौतम कोरे, परमानंद साहू, मन्नूलाल साहू, मनोज यादव, ईश्वर यादव, मुकेश साहू, अश्वनी साहू, धनेश्वर साहू, डॉ. नोहर साहू, कली साहू, कृष्णा साहू, भूपेंद्र साहू, खिलावन साहू, नंदू साहू, बालमकुंद साहू, हरीश पाल, पुनारद साहू सहित आयोजक समिति व सैकड़ों ग्रामीण श्रद्धालुजन मौजूद रहे।