
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चल रहे सुशासन तिहार के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की अहम बैठक बुलाई है। मंत्रालय में शाम 6 बजे होने वाली इस बैठक को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक बैठक में सरकार कई बड़े प्रशासनिक और जनहित से जुड़े फैसलों पर मुहर लगा सकती है। हाल के दिनों में मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा की गई घोषणाओं के साथ विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना है।
प्रदेश में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए सरकार राहतकारी फैसले भी ले सकती है। बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाओं और स्कूलों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने के संकेत हैं। गर्मी से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर अतिरिक्त व्यवस्थाओं को लेकर भी कैबिनेट में विचार-विमर्श हो सकता है। बैठक का सबसे चर्चित मुद्दा कर्मचारियों की तबादला नीति माना जा रहा है। पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में हाल ही में तबादला नीति को मंजूरी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ में भी कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच तबादला बैन हटाने की मांग तेज हो गई है। प्रदेश में पिछले तीन वर्षों से बड़े स्तर पर तबादले नहीं हुए हैं, जिससे कर्मचारी संगठन लगातार प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
हालांकि वर्तमान में प्रदेश में जनगणना से जुड़ा कार्य जारी है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि इस कारण तत्काल तबादला प्रक्रिया शुरू होना संभव नहीं दिख रहा, लेकिन कैबिनेट बैठक में तबादला नीति के प्रारूप और आगामी रणनीति पर चर्चा हो सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार प्रशासनिक कसावट और कार्य व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से कुछ विभागों में बदलाव की तैयारी भी कर सकती है। इसके अलावा विकास कार्यों की समीक्षा, ग्रामीण योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी मंत्रिमंडल में मंथन होने की संभावना है।