
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने मारपीट और सड़क हादसे की फर्जी सूचना देकर जांची रिस्पॉन्स क्षमता
रायपुर। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने रविवार को डायल-112 नेक्स्ट जेन सेवा की कार्यप्रणाली का औचक परीक्षण कर पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखा। रायपुर से कवर्धा जाते समय उन्होंने बेमेतरा के पास हाईवे पर रुककर खुद फरियादी बनते हुए डायल-112 पर कॉल किया और मारपीट तथा सड़क दुर्घटना की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज कराने के बाद डिप्टी सीएम नजदीकी ढाबे के पास रुककर पुलिस टीम के पहुंचने का इंतजार करते रहे। कुछ ही समय में डायल-112 की टीम मौके पर पहुंच गई। टीम के पहुंचने के बाद विजय शर्मा ने वाहन में मौजूद तकनीकी उपकरणों, संचार व्यवस्था और रिस्पॉन्स सिस्टम का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस की कार्यप्रणाली, हेल्पलाइन की सहायता प्रक्रिया और रिस्पॉन्स मैकेनिज्म की जानकारी ली। साथ ही आम नागरिकों को त्वरित एवं प्रभावी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। डिप्टी सीएम ने वाहन में लगे लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित स्थान पहचान तकनीक और अन्य सुरक्षा सुविधाओं का भी परीक्षण किया। उन्होंने महिला सुरक्षा के लिए जोड़े गए पैनिक बटन और विशेष निगरानी तंत्र की जानकारी भी अधिकारियों से ली।
गौरतलब है कि 18 मई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में 400 नेक्स्ट जेन डायल-112 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। नई तकनीक से लैस ये वाहन प्रदेश में पुलिस सहायता, एम्बुलेंस, अग्निशमन सेवा और महिला हेल्पलाइन जैसी आपातकालीन सेवाओं को एकीकृत मंच पर उपलब्ध करा रहे हैं। सरकार का दावा है कि AI आधारित नई व्यवस्था से अब घटनास्थल की पहचान और रिस्पॉन्स टाइम पहले की तुलना में और अधिक तेज एवं प्रभावी होगा।