
पीएम सूर्यघर योजना के लाभार्थियों को अधिशेष सोलर बिजली का मिलेगा भुगतान, नियामक आयोग की मंजूरी के बाद लागू होगी व्यवस्था।
रायपुर, 29 जून 2026। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए राहतभरी खबर है। अब घरों की जरूरत से अधिक उत्पादन होने पर ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त (सरप्लस) सोलर बिजली को निर्धारित दर पर खरीदा जाएगा और उसकी राशि उपभोक्ताओं के आगामी बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में समायोजित की जाएगी।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अनुसार, सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अधिशेष सोलर बिजली की बायबैक दर तय कर दी है। इस दर को अपनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और अंतिम मंजूरी के लिए प्रस्ताव छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) को भेजा गया है। आयोग की स्वीकृति मिलते ही उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
कंपनी ने बताया कि नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत सोलर प्लांट से उत्पादित बिजली का पहले उपभोक्ता की मासिक खपत में समायोजन किया जाता है। यदि उत्पादन खपत से अधिक होता है तो अतिरिक्त बिजली ग्रिड में चली जाती है और उसकी यूनिट उपभोक्ता के खाते में दर्ज होती रहती है। वित्तीय वर्ष के अंत में इन अतिरिक्त यूनिटों का निर्धारित दर पर बायबैक कर उनकी राशि उपभोक्ता के खाते में जमा की जाती है, जिसे आगामी बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में समायोजित किया जाता है।
पावर कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में यूनिट का लेखा-जोखा शून्य से शुरू होता है। इसलिए पिछले वर्ष की अतिरिक्त यूनिट नए बिल में दिखाई नहीं देती, लेकिन उनका आर्थिक मूल्य पूरी तरह सुरक्षित रहता है और बिल में छूट के रूप में समायोजित किया जाता है।
कंपनी का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के नियमों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से संचालित होगी, जिससे राज्य के हजारों रूफटॉप सोलर उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।