“बाढ़ प्रभावित परिवारों को सरकार हरसंभव मदद करेगी” — राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा; नवापारा क्षेत्र में 2 हजार लोग विस्थापित, 5-5 हजार की तात्कालिक सहायता

“बाढ़ प्रभावित परिवारों को सरकार हरसंभव मदद करेगी” — राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा; नवापारा क्षेत्र में 2 हजार लोग विस्थापित, 5-5 हजार की तात्कालिक सहायता

गोबरा नवापारा, सोमवारी बाजार समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों का मंत्री ने किया दौरा, क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण का दिया भरोसा

रायपुर, 26 सितंबर 2026। प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं और निचले तथा नदी तटीय क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के नवापारा, सोमवारी बाजार, नेहरू घाट, पारागांव, कुटीपारा और टीला सहित नदी किनारे बसे कई इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है। नवापारा क्षेत्र में पानी करीब 8 फीट तक बढ़ने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। क्षेत्र से अब तक करीब 2,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। राहत केंद्रों में प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पेयजल सहित आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे राजस्व मंत्री

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम पूछा और राहत शिविरों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मंत्री ने प्रभावितों से सीधे संवाद करते हुए उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

मंत्री वर्मा ने कहा कि “बाढ़ प्रभावित परिवारों को सरकार हरसंभव मदद करेगी।” उन्होंने कहा कि विष्णु देव साय सरकार आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और राहत एवं पुनर्वास के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

5-5 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता

बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए 5-5 हजार रुपये के अनुदान चेक वितरित किए गए। जिन परिवारों के मकान बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें उनके पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी मंत्री ने दिया।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से हुए जान-माल, फसल और मकानों के नुकसान का त्वरित एवं सटीक सर्वेक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण पूरा होने के बाद राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी 6-4) के प्रावधानों के अनुसार पात्र प्रभावितों को प्राथमिकता से मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा। सरकार की ओर से तत्काल राहत के साथ-साथ क्षतिग्रस्त मकानों और अन्य नुकसान के आकलन के बाद पुनर्वास एवं मुआवजा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की बात कही गई है।

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