
आवास प्लस 2.0, पेसा नियम, डिजिटल पंचायत, सड़क सुरक्षा और बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ जैसे मुद्दों पर लिए गए अहम संकल्प
रायपुर, 26 जून 2026। राज्य शासन के विशेष निर्देशानुसार 24 जून को छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का व्यापक आयोजन किया गया। इन बैठकों में ग्रामीणों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली, जहां गांवों के विकास, पारदर्शी प्रशासन और सामाजिक सुधारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। ग्राम सभाओं में पिछली बैठकों के निर्णयों की समीक्षा के साथ विगत तिमाही के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत कर ग्राम सभा से अनुमोदन भी प्राप्त किया गया। इस बार ग्राम सभाओं का प्रमुख केंद्र प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण रहा। सिस्टम जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची का वाचन किया गया तथा प्राथमिकता सूची तैयार करने, दावा-आपत्ति दर्ज करने और ग्राम सभा की स्वीकृति के बाद आवास सॉफ्ट पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने की प्रक्रिया से ग्रामीणों को अवगत कराया गया। इसके साथ ही ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-GRAMG) की कार्ययोजना पर भी चर्चा कर इसके प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति बनाई गई।
ग्राम पंचायतों को डिजिटल और वित्तीय रूप से अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से समर्थ पंचायत पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन कर अधिरोपण एवं संग्रहण, संपत्ति कर निर्धारण तथा ग्राम संपदा ऐप के जरिए पंचायत की स्थायी परिसंपत्तियों के डिजिटल पंजीयन पर विशेष जोर दिया गया। पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0, लंबित लेखा-जोखा और वित्तीय बकाया मामलों की भी समीक्षा की गई।
ग्राम सभाओं में सामाजिक सरोकारों को भी प्राथमिकता दी गई। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए ग्रामीणों ने सड़कों पर आवारा और पालतू मवेशियों को खुला नहीं छोड़ने का सामूहिक संकल्प लिया। इसके साथ ही टीबी मुक्त भारत अभियान और बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर सहमति बनी।
अनुसूचित क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ पेसा नियम 2022 के प्रभावी क्रियान्वयन, भूमि अभिलेखों और ब्याज दरों से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके अलावा मुक्तिधामों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार, तालाबों एवं स्थानीय बाजारों का बेहतर प्रबंधन, जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन, पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण तथा अविवादित नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरणों के त्वरित निराकरण जैसे विषयों पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। राज्यभर में आयोजित ग्राम सभाओं ने यह संदेश दिया कि ग्राम सरकार की अवधारणा को मजबूत बनाते हुए जनभागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के माध्यम से ग्रामीण विकास को नई गति दी जा रही है। शासन की विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से गांवों तक पहुंचाने और स्थानीय स्तर पर सुशासन स्थापित करने की दिशा में यह अभियान एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा