दुर्ग के पंचायत सचिवों का अल्टीमेटम, 7 दिन में समस्याएं नहीं सुलझीं तो 3 जुलाई से आंदोलन, 8 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

दुर्ग के पंचायत सचिवों का अल्टीमेटम, 7 दिन में समस्याएं नहीं सुलझीं तो 3 जुलाई से आंदोलन, 8 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

जिला पंचायत सीईओ को सौंपा ज्ञापन, एनपीएस, एरियर, चिकित्सा भत्ता और समय पर वेतन सहित लंबित मांगों के निराकरण की मांग
दुर्ग। प्रदेश पंचायत सचिव संघ की जिला इकाई दुर्ग ने लंबित मांगों के निराकरण नहीं होने पर आंदोलन का ऐलान किया है। पंचायत सचिवों ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को ज्ञापन सौंपकर सात दिनों के भीतर सभी समस्याओं का समाधान करने की मांग की है। मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 3 जुलाई को जिला मुख्यालय में एक दिवसीय रैली एवं धरना-प्रदर्शन तथा 8 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई है।
प्रदेश पंचायत सचिव संघ, जिला इकाई दुर्ग के अध्यक्ष महेन्द्र कुमार साहू ने कहा कि लंबे समय से पंचायत सचिवों की विभिन्न समस्याएं लंबित हैं, लेकिन उनका निराकरण नहीं किया जा रहा है। यदि सात दिनों के भीतर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो जिले के सभी पंचायत सचिव 3 जुलाई को जिला मुख्यालय में एक दिवसीय रैली और धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर 8 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।

जिला सचिव शेषनारायण चंद्रवंशी ने बताया कि 25 जून को आयोजित जिला पंचायत सचिव संघ की बैठक में सर्वसम्मति से आंदोलन का निर्णय लिया गया। बैठक में कहा गया कि यदि निर्धारित समय सीमा में समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो सभी पंचायत सचिव आंदोलन में शामिल होंगे।
ब्लॉक अध्यक्ष निमेष भोयर, प्रदीप चंद्राकर और नरेश साहू ने बताया कि पंचायत सचिवों की एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम) की कटौती राशि, उपादान राशि, एरियर, चिकित्सा भत्ता और अन्य लंबित भुगतान तत्काल संबंधित कर्मचारियों के खातों में अंतरित किए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत सचिवों के वेतन से काटी गई एनपीएस राशि 24 मई 2024 से जिला पंचायत के खाते में जमा है, लेकिन उसे संबंधित एनपीएस खातों में जमा नहीं किया गया है। उन्होंने इस अवधि का ब्याज जोड़कर राशि सचिवों के खातों में जमा कराने की भी मांग की।

संघ ने प्रत्येक माह की पहली तारीख को नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित करने, पंचायत सचिवों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई पर रोक लगाने तथा संचयी प्रभाव से रोकी जा रही वेतन वृद्धि संबंधी कार्रवाई को समाप्त करने की भी मांग की है। पंचायत सचिव संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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