जामगांव आर महाविद्यालय में ‘हंसी-खुशी के ठऊर’ व्यंजन मेले ने जगाई उद्यमिता की लौ, विद्यार्थियों ने स्टार्टअप कौशल में दिखाई चमक

जामगांव आर महाविद्यालय में ‘हंसी-खुशी के ठऊर’ व्यंजन मेले ने जगाई उद्यमिता की लौ, विद्यार्थियों ने स्टार्टअप कौशल में दिखाई चमक

जामगांव आर। शहीद डोमेश्वर साहू शासकीय महाविद्यालय जामगांव आर-भरर में विद्यार्थियों में स्टार्टअप और उद्यमिता की भावना विकसित करने के उद्देश्य से महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शिखा अग्रवाल की पहल पर बाल दिवस पर ‘हंसी-खुशी के ठऊर’ नाम से छत्तीसगढ़ी व्यंजन एवं आनंद मेले का सफल आयोजन किया गया। आनंद मेला मॉडल पर आधारित इस आयोजन में विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों ने स्वयं छत्तीसगढ़ी और देशी-फ्यूजन व्यंजन बनाकर अपना हुनर और उद्यमी क्षमता प्रदर्शित की।

पूरा महाविद्यालय छत्तीसगढ़ी स्वाद और रंग में रंगा हुआ नजर आया। कहीं गुपचुप, चाट, तीखुर और फरहा की महक थी, तो दूसरी ओर छोले-पूरी, ढोकला, चाऊमीन और मंचूरियन के स्टॉल विद्यार्थियों की रचनात्मकता और उत्साह को दर्शा रहे थे। बीए और बीकॉम के विद्यार्थियों ने गुपचुप, पापड़ी चाट और भेलपूरी से सभी को चटकारे लेने पर मजबूर कर दिया, वहीं बीकॉम फाइनल के विद्यार्थियों ने छोले-पूरी और तिल के लड्डू से सबका मन मोह लिया। बीएससी के विद्यार्थियों ने भी छत्तीसगढ़ी तीखुर, फरहा, चाऊमीन, मंचूरियन और पापड़ी चाट के साथ अपने स्टॉलों को आकर्षण का केंद्र बनाया। उद्यमिता के गुणों को विकसित करने की इस पहल को राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी चेतना सोनी, वाणिज्य विभाग सहित विभागाध्यक्षों का सहयोग मिला। विद्यार्थियों ने स्टॉल संचालन में स्वच्छता, स्वाद और प्रस्तुति का विशेष ध्यान रखते हुए छोटे-छोटे स्टार्टअप की भावना को वास्तविक रूप दिया। सर्वश्रेष्ठ स्टॉल और सर्वोत्तम व्यंजन के लिए विद्यार्थियों को महाविद्यालय पुरस्कृत करेगा।

◆ हेल्थ टेस्ट के बाद रन फ़ॉर यूनिटी में विद्यार्थियों ने लगाई दौड़-

कार्यक्रम में रेड क्रॉस प्रभारी डॉ. संतोष पांडे द्वारा वेट मैनेजमेंट, बीएमआई, बीपी और शुगर टेस्ट के लिए विशेष हेल्थ स्टॉल भी लगाया गया, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में जांच कराई। राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन भी किया गया, जिसमें सरदार वल्लभभाई पटेल की एकता और अखंडता के संदेश को विद्यार्थियों तक पहुंचाया गया।

◆“ग्रामीण विद्यार्थी किसी से कम नहीं, और हमारी बेटियां हर क्षेत्र में आगे हैं।”

प्राचार्य डॉ. शिखा अग्रवाल ने विद्यार्थियों को स्वावलंबन और स्टार्टअप की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और कहा कि ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। उद्यम मेले में विद्यार्थियों द्वारा अर्जित लाभ को वे सामाजिक कार्यों में लगाने और महाविद्यालय को सहयोग देने की इच्छा भी जताई।कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ— “ग्रामीण विद्यार्थी किसी से कम नहीं, और हमारी बेटियां हर क्षेत्र में आगे हैं।”

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