YC न्यूज डेस्क | हरिवंश नारायण सिंह लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए हैं। शुक्रवार को हुए चुनाव में उन्हें निर्विरोध चुना गया, क्योंकि विपक्ष की ओर से कोई प्रत्याशी नहीं उतारा गया। यह पहली बार है जब किसी मनोनीत सदस्य को राज्यसभा के उपसभापति पद की जिम्मेदारी मिली है। हरिवंश के समर्थन में राज्यसभा सचिवालय को पांच प्रस्ताव मिले। सदन के नेता जेपी नड्डा ने पहला प्रस्ताव रखा, जबकि दूसरा प्रस्ताव नितिन नवीन ने पेश किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश को बधाई देते हुए कहा कि लगातार तीसरी बार इस पद पर चुना जाना इस बात का प्रमाण है कि सदन को उन पर गहरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि हरिवंश ने अपने पिछले कार्यकाल में सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास किया और उनके अनुभव का सदन को लाभ मिला।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी हरिवंश को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी भी मौजूद रहे। हरिवंश का पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हुआ था। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया। वे अब 2032 तक उच्च सदन के सदस्य रहेंगे। राज्यसभा में 12 सदस्यों को राष्ट्रपति द्वारा कला, साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा के क्षेत्र में विशेष योगदान के आधार पर मनोनीत किया जाता है।
पत्रकारिता से राजनीति में आए हरिवंश ने 2018 में पहली बार राज्यसभा के उपसभापति का पद संभाला था। इसके बाद 2020 में वे दोबारा चुने गए और अब तीसरी बार उनका चयन हुआ है।