रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक आवंटन और हसदेव अरण्य क्षेत्र में जंगल कटाई को लेकर सियासी जंग ने तेज़ रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आज रायपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है । दीपक बैज ने आरोप लगाया कि राजस्थान को कोयला खनन की अनुमति वर्ष 2015 और 2022 में केंद्र सरकार द्वारा दी गई। उन्होंने कहा,
परसा ईस्ट और कांता बासन (PEKB) कोल ब्लॉक और परसा कोल ब्लॉक, दोनों हसदेव अरण्य के जंगलों में आते हैं। इन खदानों को राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को सौंपा गया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कटाक्ष करते हुए पूछा कि भाजपा की प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री व विधि मंत्री अरुण साव क्यों अनुपस्थित रहे? अरुण साव को अच्छी तरह पता है कि कोल ब्लॉक आवंटन केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने प्रेस से दूरी इसलिए बनाई ताकि उन्हें झूठ न बोलना पड़े,” बैज ने कहा।
मंत्री केदार कश्यप को भी उन्होंने निशाने पर लेते हुए कहा कि एक आदिवासी मंत्री होते हुए भी केदार कश्यप हसदेव और तमनार क्षेत्र में जंगल कटाई पर मौन साधे हुए हैं। जब कांग्रेस आदिवासियों के हक़ की लड़ाई लड़ रही है, तब वे अडानी का बचाव कर रहे हैं। पूरा आदिवासी समाज देख रहा है कि वे किसके साथ हैं – जनता के या पूंजीपतियों के?”
दीपक बैज ने यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान विधानसभा में हसदेव क्षेत्र की कटाई रोकने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया था और केंद्र से कोल ब्लॉक रद्द करने की मांग की गई थी। उस समय भाजपा के सांसद और विधायक अडानी के बचाव में खड़े थे, न कि छत्तीसगढ़ की जनता के पक्ष में,” उन्होंने कहा।
बैज ने यह भी दावा किया कि राजस्थान की भाजपा सरकार को कोल खनन की अनुमति मिलने के बाद, वहां के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया, जिससे स्पष्ट होता है कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारें मिलकर छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को लूट रही हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने घोषणा की कि पार्टी अब आर्थिक नाकेबंदी जैसे माध्यमों से इस “खनिज लूट” के खिलाफ जनआंदोलन को गति देगी।