
बालोद। बालोद में कलेक्टर से कथित अभद्र व्यवहार के मामले में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक यशवंत कुमार साहू को निलंबित कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) जेएल उईके ने यह कार्रवाई की है। विभाग ने उनके व्यवहार को शासकीय कर्मचारी के पद की गरिमा के विपरीत मानते हुए प्रथम दृष्टया कदाचार और गंभीर अनुशासनहीनता माना है।
समीक्षा बैठक में कम उपलब्धि को लेकर मांगी गई थी जानकारी
CMHO कार्यालय से 14 अगस्त को जारी निलंबन आदेश के अनुसार, 13 अगस्त को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुंडरदेही में जिला स्वास्थ्य विभाग की विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा कर रही थीं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान उप स्वास्थ्य केंद्र चंदनबिरही की कम उपलब्धि को लेकर ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक यशवंत कुमार साहू से जानकारी मांगी गई थी। आदेश के मुताबिक, जानकारी देते समय उन्होंने कलेक्टर और बैठक में मौजूद अन्य अधिकारियों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया।
शासकीय नियमों के तहत निलंबन
मामले को गंभीरता से लेते हुए CMHO ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत यशवंत कुमार साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश में कहा गया है कि उनका आचरण प्रथम दृष्टया कदाचार और गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी नियमानुसार जारी रहेगी।
निलंबन अवधि में डौंडी रहेगा मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान यशवंत कुमार साहू का मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डौंडी निर्धारित किया गया है। आदेश के मुताबिक, सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। विभागीय जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई और उनकी सेवा स्थिति स्पष्ट होगी।