बिलासपुर | छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने एक फरार हिस्ट्रीशीटर और उसके चार साथियों को गिरफ्तार कर पूरे इलाके में जुलूस निकाला। इन आरोपियों ने इंस्टाग्राम पर पिस्टल लहराते हुए वीडियो बनाकर भाजपा और कांग्रेस नेताओं को जान से मारने की धमकी दी थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सरेआम उनसे उठक-बैठक लगवाई और माफी मंगवाई। जुलूस के दौरान एक आरोपी यह कहते हुए नजर आया — “बिलासपुर में गुंडई करोगे तो पुलिस गुफा से भी निकाल लेगी, पुलिस हमारी बाप है।”
पिस्टल लहराते वीडियो से मचाया था हड़कंप
सरकंडा थाना क्षेत्र के चिंगराजपारा निवासी लुटू पांडेय उर्फ रितेश पर पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज था और वह फरार चल रहा था। फरारी के दौरान वह अपने साथी शिवम मिश्रा के साथ उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, बनारस और इलाहाबाद में लगातार ठिकाने बदलता रहा। इस दौरान दोनों ने पिस्टल, एयरगन और हथियारों के साथ रील बनाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया। वीडियो में उन्होंने शहर के कुछ युवकों और राजनीतिक दलों के नेताओं को जान से मारने की धमकी दी थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने इनकी तलाश शुरू की थी।
UP से भागकर छिपे छत्तीसगढ़ में, पुलिस ने दबोचा
पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए उनके ठिकानों की जानकारी जुटाई और उत्तर प्रदेश में दबिश दी। पुलिस की भनक लगते ही आरोपी छत्तीसगढ़ की सीमावर्ती इलाकों की ओर भागे। लेकिन सरकंडा और रतनपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर लुटू पांडेय, शिवम मिश्रा, लक्की यादव, शैलेश चौबे और शंभू यादव को पकड़ लिया। पुलिस ने इनके पास से रिवॉल्वर, एयरगन, चाकू, बेसबॉल स्टिक और एक बुलेट मोटरसाइकिल बरामद की।
‘खास खातिरदारी’ के बाद मोहल्ले में निकाला जुलूस
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को सख्त सबक सिखाया। मोहल्ले में उन्हें हथकड़ी लगाकर घुमाया गया और सबके सामने उठक-बैठक लगवाई गई। इस दौरान कई लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का वीडियो बनाया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।थाना प्रभारी नीलेश पांडेय ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पहले से तीन मामले दर्ज हैं। अब इनके खिलाफ संगठित अपराध की धारा जोड़ी जा रही है और नशे के कारोबार से कमाई संपत्तियों की जांच शुरू कर दी गई है। मामला जल्द ही सफेमा कोर्ट भेजा जाएगा ताकि संपत्ति जब्त की जा सके।
गुंडागर्दी छोड़ो, नहीं तो जेल ही ठिकाना’ – SSP
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा, “जिन्हें डॉन बनने का शौक है, वे यह समझ लें कि बिलासपुर में गुंडागर्दी की कोई जगह नहीं है। मेहनत करें, समाज के लिए काम करें, वरना जिंदगी जेल में कटेगी।” पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
दो और साथी गिरफ्तार, देसी पिस्टल बरामद
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अपने दो साथियों अविनाश बोरकर और सुमित महाजन को देसी पिस्टल दी थी। पुलिस ने दोनों को भी गिरफ्तार कर उनके पास से दो पिस्टल जब्त कीं। सिविल लाइन थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है बिलासपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने शहर के अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है — अब सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा। गुंडई का रील बनाकर चलाने वालों की अब जगह सीधे जेल में तय है।