
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में धर्मांतरण और ‘घर वापसी’ को लेकर एक बार फिर बड़ा आयोजन सामने आया है। पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के बुचीपारा गांव में आयोजित विशेष कार्यक्रम में करीब 150 लोगों ने सनातन धर्म में पुनः प्रवेश किया। कार्यक्रम का नेतृत्व पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने किया, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच लोगों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति से दोबारा जुड़ने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की सबसे चर्चित तस्वीर तब सामने आई, जब विधायक भावना बोहरा ने घर वापसी करने वाले लोगों के पैर पखारकर उनका स्वागत किया। इस दौरान गांव में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, सामाजिक संगठन और धर्मगुरु मौजूद रहे। पूरे आयोजन को धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव का रूप दिया गया।
आयोजकों का दावा है कि बुचीपारा और आसपास के इलाकों में लंबे समय से धर्मांतरण का मुद्दा चर्चा में रहा है। इसी को लेकर सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा लगातार जागरूकता अभियान और घर वापसी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। दावा किया गया कि पंडरिया क्षेत्र में अब तक 650 से अधिक लोग सनातन धर्म में वापसी कर चुके हैं। घर वापसी करने वाले लोगों का तिलक, पूजा-पाठ और वैदिक विधि-विधान से स्वागत किया गया। धार्मिक अनुष्ठान के बाद सामूहिक रूप से सनातन परंपराओं और रीति-रिवाजों के पालन का संकल्प भी दिलाया गया।
इस अवसर पर विधायक भावना बोहरा ने कहा कि सनातन संस्कृति समाज को जोड़ने और समरसता बढ़ाने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपनी इच्छा से घर वापसी की है, उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया है। विधायक ने इसे केवल धर्म नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और पहचान से जुड़ा विषय बताया। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में लगातार सामाजिक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि लोग अपनी मूल परंपराओं और सांस्कृतिक जड़ों को समझ सकें। कार्यक्रम में मौजूद कई लोगों ने विधायक के इस कदम की सराहना करते हुए इसे सामाजिक समरसता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।