
जिला पंचायत सीईओ ने जारी किया स्वीकृति आदेश; बीईओ बोले- जर्जर कक्षों के संधारण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी, ब्लॉक के अन्य जर्जर स्कूलों की सूची भी भेजी गई
जामगांव आर/मनीष चंद्राकर । पाटन ब्लॉक के ग्राम पंचायत अकतई के शासकीय प्राथमिक शाला भवन की जर्जर हालत और बारिश के दौरान कक्षों में सीपेज तथा छत का प्लास्टर गिरने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की खबर युवा चैनल न्यूज़ में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों की नींद टूटी है। खबर प्रकाशित होने के महज एक दिन के भीतर अकतई स्कूल में नए कक्ष निर्माण की दिशा में बड़ी प्रशासनिक पहल सामने आई है। गौरतलब हैं कि युवा चैनल न्यूज़ की खबर में स्कूल भवन की जर्जर स्थिति, बारिश में सीपेज, छत का प्लास्टर गिरने और सुरक्षा के मद्देनजर पहली से पांचवीं तक के बच्चों को प्रधानपाठक कक्ष एवं बरामदे में पढ़ाए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। खबर सामने आने के बाद वीबी जी राम जी के तहत अकतई शासकीय प्राथमिक शाला में नए कक्ष निर्माण के लिए 7.09 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिला पंचायत सीईओ द्वारा इसके लिए प्रशासनिक स्वीकृति आदेश भी जारी कर दिया गया है। इस प्रशासनिक पहल से लंबे समय से स्कूल भवन की समस्या से जूझ रहे विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों को राहत की उम्मीद जगी है। खासकर बारिश के दौरान जर्जर कक्षों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच नए कक्ष की स्वीकृति को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
• शेष जर्जर कक्षों के संधारण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी
मामले में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी डालेंद्र देवांगन ने बताया कि अकतई स्कूल में नए कक्ष निर्माण के लिए 7.09 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के शेष कक्षों के संधारण के लिए भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। ग्रामीण और स्कूली छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। बीईओ ने बताया कि विभाग द्वारा पूरे ब्लॉक में ऐसे स्कूलों को चिन्हित किया जा रहा है, जहां भवन जर्जर हैं, मरम्मत की आवश्यकता है अथवा नए कक्ष की जरूरत है। इन स्कूलों की प्राथमिकता के आधार पर सूची तैयार कर जिला पंचायत को तत्काल स्वीकृति के लिए आग्रह किया गया है।
• इन स्कूलों को भी प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के अनुसार प्राथमिकता सूची में प्राथमिक शाला डीह, औंधी, खम्हरिया, जमराव, शांतिनगर, शुक्लाडीह, खुदमुड़ी, परेवाडीह, अकतई एवं चारभाठा सहित अन्य स्कूलों को शामिल किया गया है। विभाग का प्रयास है कि जर्जर भवनों की मरम्मत तथा आवश्यकता वाले स्कूलों में नए कक्ष निर्माण के कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए।
•एक खबर ने खींचा प्रशासन का ध्यान1
अकतई स्कूल में बच्चों की सुरक्षा और भवन की बदहाली को लेकर ग्रामीणों की चिंता लंबे समय से बनी हुई थी। ग्राम पंचायत की सरपंच माधुरी नरोत्तम निषाद द्वारा अधिकारियों के समक्ष लगातार समस्या उठाए जाने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा भी खबर में सामने आया था। अब खबर के बाद महज एक दिन में नए कक्ष निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी होना यह संकेत देता है कि मीडिया के माध्यम से सामने लाई गई जमीनी समस्याओं पर प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लिया है। हालांकि, नए कक्ष निर्माण की स्वीकृति के साथ अब ग्रामीणों की नजर निर्माण कार्य कब शुरू होता है और शेष जर्जर कक्षों के संधारण की प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है, इस पर रहेगी। फिलहाल बच्चों की सुरक्षा और निर्बाध पढ़ाई के लिए विभाग की ओर से की गई यह पहल राहत देने वाली मानी जा रही है।