YC न्यूज़ डेस्क– रियाणा के पलवल जिले के गांव गुलाबद में गुरुवार को वीर सपूत लांस नायक दिनेश कुमार को अंतिम विदाई दी गई। जम्मू-कश्मीर के पुंछ में बुधवार को पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी में शहीद हुए दिनेश का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। शहीद के पिता दयाचंद ने नम आंखों से अपने बेटे की चिता को मुखाग्नि दी। गांव की गलियों से होकर निकली अंतिम यात्रा में हजारों लोग उमड़ पड़े, जिन्होंने ‘भारत माता की जय’ और ‘शहीद दिनेश अमर रहें’ के नारों के साथ अपने वीर सपूत को अंतिम सलामी दी।
दिनेश कुमार 2014 में सेना में भर्ती हुए थे और हाल ही में उन्हें लांस नायक के पद पर पदोन्नत किया गया था। वे 5 भाइयों में सबसे बड़े थे और सेना सेवा में भी अग्रणी रहे। उनके दो छोटे भाई भी वर्तमान में भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं—एक जम्मू में ही तैनात हैं और दूसरा मध्यप्रदेश के जबलपुर में।
शहीद दिनेश की पोस्टिंग पुंछ में थी, जहां बुधवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से बौखलाए पाकिस्तान ने अकारण फायरिंग शुरू कर दी। दिनेश ने अपने चार साथियों के साथ मोर्चा संभालते हुए गोलियों का जवाब गोलियों से दिया। इस मुठभेड़ में वे गंभीर रूप से घायल हुए और अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शहीद की पत्नी सीमा पेशे से वकील हैं और इस समय सात महीने की गर्भवती हैं। उनके दो बच्चे भी हैं—एक 8 वर्षीय बेटी और एक 3 वर्षीय बेटा। शहादत की खबर सुनते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। दिनेश की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, लेकिन उन्होंने भी अपने पति की शहादत को गर्व से स्वीकार किया।
पिता दयाचंद ने कहा, “मेरा एक बेटा शहीद हुआ है, लेकिन भारत माता के लिए मेरे पास दो और बेटे हैं।”
गांव गुलाबद में जैसे ही दिनेश का पार्थिव शरीर दोपहर 2 बजे पहुंचा, लोग श्रद्धांजलि देने के लिए घरों से बाहर निकल आए। राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस मौके पर प्रशासन, सेना के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आम जन भारी संख्या में मौजूद रहे।