जामगांव आर। शासन की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत क्षेत्र में कार्य तेजी से जारी है, लेकिन इस गति के बीच गुणवत्ता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। निर्माण एजेंसी वेस्ट इण्डिया कंस्ट्रक्शन कंपनी और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) की लापरवाही से ग्रामीणों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि जब तक पंचायत प्रतिनिधि या आम नागरिक शिकायत न करें, तब तक न तो कार्यों में सुधार होता है और न ही जिम्मेदार विभाग सक्रिय नजर आता है। पहले बेल्हारी और बटरेल में ऐसी शिकायतें सामने आई थीं, अब ग्राम ओदरागहन में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। जानकारी के अनुसार,ओदरागहन सुरपा समूह जल प्रदाय योजना के तहत ग्राम बेल्हारी में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया गया है, जहां से 19 गांवों में पेयजल आपूर्ति की योजना है। इसके लिए सड़कों के दोनों किनारों पर पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन अनेक गावों कई जगहों पर खुदाई के बाद मुरुम फिलिंग सही तरीके से नहीं की गई। नतीजतन, सड़क का सोल्जर उखड़ गई हैं और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
वहीं, ओदरागहन स्थित खारून नदी में बनाए गए इंटेकवेल के निर्माण के दौरान भारी मशीनरी—चेन मशीन, पोकलेन और हाईवा—के उपयोग से एनीकट के पास ब्लॉक कंक्रीट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। निर्माण एजेंसी वेस्ट इंडिया कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारियों ने कार्य पूर्ण होने के बाद मरम्मत का आश्वासन दिया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद अब तक कोई सुधार नहीं किया गया। स्थानीय सरपंच प्रतिनिधि जिनेश जैन के अनुसार, कंपनी ने लगभग निर्माण कार्य पूरा कर लिया है, लेकिन रिपेयरिंग कार्य लंबित है। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय पर मरम्मत कार्य नहीं किया गया, तो वे इंटेकवेल पंप शुरू नहीं होने देंगे। अब देखना यह होगा कि विभाग और निर्माण एजेंसी कब तक इस मामले में सक्रियता दिखाते हैं।