जामगांव आर । शहीद डोमेश्वर साहू शासकीय महाविद्यालय जामगांव (आर) में विश्व महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एवं करियर गाइडेंस समिति के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता व्याख्यान और सैन्य करियर मार्गदर्शन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शिखा अग्रवाल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इसका उद्देश्य छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में भिलाई की एडवोकेट विशेषज्ञ श्रीमती रचना नायडू ने छात्र-छात्राओं को महिलाओं के अधिकारों, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम अधिनियम (POSH Act) तथा इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए और किसी भी अन्यायपूर्ण स्थिति में साहस के साथ आवाज उठानी चाहिए।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. शिखा अग्रवाल ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि महिलाएं ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति हैं और समाज व राष्ट्र के निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्राओं को बड़े सपने देखने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और शिक्षा के माध्यम से अपनी अलग पहचान स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान “Giving is Happiness” की भावना को भी विद्यार्थियों ने व्यवहार में उतारा। छात्र-छात्राओं ने आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए स्टेशनरी, चॉकलेट और उपयोगी सामग्री एकत्रित कर उन्हें भेंट की। इस पहल से विद्यार्थियों में सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा मिला। इसी क्रम में विद्यार्थियों के लिए सैन्य क्षेत्र में करियर संबंधी विशेष कार्यशाला भी आयोजित की गई। इसमें छत्तीसगढ़ डिफेंस अकादमी रायपुर के संचालक एवं पूर्व नेवी अधिकारी श्री रूपेन्द्र कुमार साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को अग्निवीर, CDS, NDA जैसी आर्मी सेवाओं में उपलब्ध अवसरों, लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने SSB (Service Selection Board) को प्रेरक रूप में “सब सच बोले” बताते हुए विद्यार्थियों को ईमानदारी, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापिका श्रीमती नीता कुम्हारे ने भी छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ते समय अपनी संस्कृति और संस्कारों को साथ लेकर चलना बेहद आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) प्रभारी श्रीमती चेतना सोनी ने किया। आयोजन को सफल बनाने में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा। अंत में प्राचार्य डॉ. शिखा अग्रवाल ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।