डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती पर विद्यार्थियों ने जाना – “ज्ञान, नवाचार और आत्मनिर्भरता ही सशक्त भारत की कुंजी”
जामगांव आर। शहीद डोमेश्वर साहू शासकीय महाविद्यालय जामगांव आर में पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी के जन्मदिवस 15 अक्टूबर को विश्व विद्यार्थी दिवस के रूप में उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने डॉ. कलाम को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके विचारों और आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता इंदिरा गांधी कृषि महाविद्यालय रायपुर की प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. मोह निशा राजपूत ने कृषि क्षेत्र में हुए नवाचार और उसमें कैरियर की संभावनाएँ विषय पर प्रेरक व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि आज कृषि केवल परंपरा नहीं, बल्कि तकनीक, नवाचार और आत्मनिर्भरता का केंद्र बन चुकी है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि कैसे ड्रोन तकनीक, ऑर्गेनिक खेती और स्मार्ट कृषि उपकरणों के प्रयोग से न केवल पर्यावरण की रक्षा संभव है बल्कि किसानों की आमदनी भी बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने रबी फसल की तैयारी, कीटनाशक दुरुपयोग से बचाव और पराली जलाने से रोकथाम पर भी व्यावहारिक सुझाव दिए।
महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य श्रीमती नीता कुम्हारे ने विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में उपलब्ध अपार संभावनाओं का लाभ उठाने और नवाचार की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) प्रभारी प्रो. चेतना सोनी ने किया, जिन्होंने विद्यार्थियों को ग्रामीण परिवेश से जुड़े रहते हुए कृषि को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में योगदान करने की सलाह दी। इससे पूर्व 14 अक्टूबर को विश्व मानक दिवस भी महाविद्यालय में मनाया गया, जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना एवं वाणिज्य विभाग द्वारा विद्यार्थियों को वस्तुओं और सेवाओं के मानक चिन्ह जैसे एफएसएसएआई कोड, सोने की शुद्धता, ग्रीन एवं रेड मार्क आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. आबिद हसन खान ने मानक और गुणवत्ता नियंत्रण के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, कर्मचारी और विद्यार्थीगणों की सक्रिय भागीदारी रही।