बीजापुर( विशेष प्रतिनिधि )-नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में स्वतंत्र पत्रकार मुकेश चंद्राकर की सनसनीखेज हत्या मामले में पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। जांच कर रही टीम ने लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़े पांच अधिकारियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले में नया मोड़ ला दिया है। गिरफ्तार अफसरों में दो रिटायर्ड EE, एक वर्तमान EE, एक SDO और एक उप अभियंता शामिल हैं। बीजापुर एएसपी चंद्रकांत गोवर्ना ने पुष्टि की कि सभी आरोपियों को दो दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पूछताछ में अधिकारियों और ठेकेदार के गठजोड़ के गंभीर सुराग मिले हैं।
हत्या का कारण: भ्रष्टाचार उजागर करना बना जानलेवा
स्वतंत्र पत्रकार मुकेश चंद्राकर लगातार घटिया सड़क निर्माण कार्यों का खुलासा कर रहे थे। सोशल मीडिया और अपने वीडियो पोर्टल पर वे बीजापुर में लोक निर्माण विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर करते रहे। इससे नाराज़ होकर ठेकेदार सुरेश चंद्राकर — जो उनका रिश्तेदार भी था — ने हत्या की साजिश रची। 1 जनवरी 2025 को मुकेश अचानक लापता हो गए थे। 3 जनवरी को उनकी लाश एक बंद सेप्टिक टैंक से बरामद हुई थी। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड के मास्टरमाइंड सुरेश को हैदराबाद से गिरफ्तार किया था।
अब तक गिरफ्तार अफसरों की सूची:
1. डी.आर. साहू – सेवानिवृत्त कार्यपालन अभियंता
2. वी.के. चौहान – सेवानिवृत्त कार्यपालन अभियंता
3. एच.एन. पात्र – तत्कालीन कार्यपालन अभियंता
4. प्रमोद सिंह कंवर – SDO, बीजापुर
5. संतोष दास – उप अभियंता, जगदलपुर
अग्रिम जमानत पर चल रहे:
बी.एल. ध्रुव – तत्कालीन EE
आर.के. सिन्हा – SDO
जी.एस. कोडोपी – उप अभियंता
इन सभी के खिलाफ पहले ही FIR दर्ज हो चुकी थी, जिसे राज्य के डिप्टी सीएम और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर अंजाम दिया गया।
हत्या से जुड़े सवाल गहराए
यह हत्याकांड न केवल प्रशासनिक तंत्र की सच्चाई को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जमीनी सच्चाई को दिखाना पत्रकारों के लिए कितना जोखिम भरा हो सकता है, खासकर नक्सल क्षेत्रों में। मुकेश की हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है और पत्रकार सुरक्षा पर राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है।