
बिलासपुर। प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे सुशासन तिहार के मंच पर रविवार को राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया, जब बिल्हा विधानसभा के ग्राम गोढ़ी में आयोजित शिविर के दौरान भाजपा विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेंद्र शुक्ला आमने-सामने आ गए। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने शुरू कर दिए, जिससे कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला ने कार्यक्रम के दौरान खाद-बीज की कमी, बिजली-पानी संकट, जर्जर सड़कों और लंबित आवेदनों जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार और प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया। इसके जवाब में विधायक धरमलाल कौशिक ने सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का बचाव किया। बहस बढ़ने के साथ दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए ‘चोर-चोर’ के नारों से नाराज विधायक कौशिक ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। गौरतलब है कि सुशासन तिहार के जरिए सरकार गांव-गांव पहुंचकर योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दे रही है, जबकि विपक्ष इन्हीं मंचों पर जनसमस्याओं को उठाकर सरकार को घेरने की रणनीति अपना रहा है। गोढ़ी की घटना ने यह संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में ऐसे सरकारी कार्यक्रम राजनीतिक टकराव के बड़े मंच बन सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गांव स्तर तक पहुंच चुकी सियासी प्रतिस्पर्धा के कारण प्रशासनिक कार्यक्रम भी अब राजनीतिक रंग लेने लगे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि जनता की समस्याओं के समाधान पर अधिक जोर होगा या फिर सरकारी मंच सियासी अखाड़े में बदलते रहेंगे।