YC न्यूज़ डेस्क । सुप्रीम कोर्ट आज बुधवार दोपहर 2 बजे वक्फ कानून (Wakf Act) में हालिया संशोधनों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई शुरू करेगा। इस मामले में कोर्ट में कुल 73 याचिकाएं दाखिल की गई हैं, जिनमें से पहले चरण में 10 याचिकाएं सूचीबद्ध की गई हैं। सुनवाई जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस केवी विश्वनाथन की तीन-न्यायाधीशों की पीठ करेगी।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नए वक्फ संशोधन अधिनियम से मुस्लिम समुदाय के धार्मिक, सांस्कृतिक और संपत्ति से जुड़े अधिकारों का हनन होता है। याचिकाओं में आरोप है कि इस अधिनियम के जरिए वक्फ बोर्डों के चुनावी ढांचे को समाप्त किया गया है, जिससे समुदाय की आत्म-शासन की परंपरा प्रभावित होगी। इसके अलावा गैर-मुस्लिमों को वक्फ बोर्ड में शामिल करने और कार्यकारी अधिकारियों को अधिक अधिकार देने पर भी आपत्ति जताई गई है।
इस कानून में वक्फ की परिभाषा में बदलाव और ‘वक्फ बाई यूजर्स’ की व्यवस्था को हटाने पर भी सवाल उठाए गए हैं, जिससे कई पुरानी वक्फ संपत्तियों की वैधता खतरे में पड़ सकती है।
मुख्य याचिकाकर्ताओं में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सीपीआई, YSRCP, AAP, AIMIM और अन्य दल शामिल हैं। साथ ही दो हिंदू पक्षों – अधिवक्ता हरि शंकर जैन और नोएडा निवासी पारुल खेरा – ने भी कानून की वैधता पर सवाल उठाए हैं।
वहीं, केंद्र सरकार इस कानून को पारदर्शिता और भ्रष्टाचार नियंत्रण के लिए जरूरी बता रही है। सात राज्य सरकारें भी इसके समर्थन में सुप्रीम कोर्ट में पक्षकार बनी हैं। अब देखना होगा कि अदालत इस संवेदनशील और बहु-आयामी मामले में क्या रुख अपनाती है।