
YC न्यूज़ डेस्क । झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार को उस समय उग्र हो गया, जब हजारों प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा घेराव के दौरान बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा गेट के पास पहुंच गए। छात्रों को हटाने के लिए पुलिस को कई बार लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कई छात्रों के घायल होने की खबर है, जबकि छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुबह करीब 10 बजे आंदोलनकारी छात्र ओल्ड विधानसभा परिसर के पास एकत्रित हुए और वहां से विधानसभा घेराव के लिए मार्च निकाला। पुलिस ने पहले से ही कंटीले तारों और कई स्तरों की बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था की थी। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की बौछार के बीच कुछ छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारेबाजी और प्रदर्शन करते नजर आए। कुछ छात्रों ने राष्ट्रगान भी गाया। इसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और बाद में लाठीचार्ज किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दो से तीन बार लाठीचार्ज करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों के सिर और शरीर पर चोटें आईं। वहीं प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस पर पानी की बोतलें और चप्पलें फेंके जाने की भी जानकारी सामने आई है। विधानसभा परिसर और आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा के लिए छह स्तरीय व्यवस्था लागू की गई है और पूरे क्षेत्र की निगरानी CCTV कैमरों से की जा रही है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो पिछले 17 दिनों से परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में सक्रिय हैं। वे भूख हड़ताल पर बैठे छह छात्रों में शामिल हैं। तबीयत खराब होने के बावजूद वे एंबुलेंस से विधानसभा घेराव में शामिल होने पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान उनकी हालत बिगड़ने पर पुलिस प्रशासन ने उन्हें रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया। इस बीच, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध पर बल प्रयोग गलत है। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी बात रखने का लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार को उनकी मांगों पर संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए।
उधर, परीक्षा धांधली मामले में जांच तेज हो गई है। झारखंड CID ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते को गिरफ्तार कर लिया है। 21 जुलाई को JPSC कार्यालय में हुई छापेमारी के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। CID उनसे लगातार पूछताछ कर रही थी। छात्र संगठन JPSC और JSSC की परीक्षाओं को रद्द कर निष्पक्ष जांच तथा नई परीक्षा आयोजित करने की मांग कर रहे हैं। विधानसभा घेराव के दौरान हजारों छात्र तिरंगा लेकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। फिलहाल रांची में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और विधानसभा परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।