महादेव सट्टा और हवाला निवेश केस: केके श्रीवास्तव व बेटे पर 441 करोड़ के लेन-देन, विदेश में करोड़ों के निवेश का दावा; ED–CBI को भेजी चार्जशीट

महादेव सट्टा और हवाला निवेश केस: केके श्रीवास्तव व बेटे पर 441 करोड़ के लेन-देन, विदेश में करोड़ों के निवेश का दावा; ED–CBI को भेजी चार्जशीट

बिलासपुर/रायपुर — पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी और बिलासपुर के कथित तांत्रिक कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके (64) तथा उनके बेटे कंचन श्रीवास्तव के खिलाफ तेलीबांधा पुलिस ने लंबी जांच के बाद अदालत में चार्जशीट पेश कर दी है, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट में दावा किया गया है कि केके और कंचन ने करोड़ों रुपए चीन और ऑस्ट्रेलिया में निवेश किए, और यह रकम हवाला (हवाला चैनल) के माध्यम से विदेश भेजी गई। बैंक खातों की जांच में 441 करोड़ रुपए के लेन–देन का रिकॉर्ड पुलिस को मिला है। वहीं, मोबाइल की फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, पिता-पुत्र ने महादेव सट्टा एप से जुड़ी “मेस्टिजिक कंपनी” में भी निवेश किया था।

500 करोड़ के ठेके का लालच, 15 करोड़ की ठगी

चार्जशीट में उल्लेख है कि केके ने नोएडा स्थित रावत एसोसिएट के मालिक अर्जुन सिंह को स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 500 करोड़ रुपए के ठेके दिलाने का झांसा देकर 15 करोड़ रुपए ठग लिए। यह राशि 10 से 17 जुलाई 2023 के बीच 5 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई, जिनमें से तीन खाते बिलासपुर निवासी अब्बास अली के नाम पर थे, जो केके के लिए काम करता था। अभियुक्तों ने पीड़ित को भरोसा दिलाने के लिए व्हाट्सएप पर फर्जी दस्तावेज भेजे, और कुछ रकम लौटाने के बाद शेष राशि व्यक्तिगत उपयोग में खर्च कर दी, जो अब तक वापस नहीं की गई।

चीन, ऑस्ट्रेलिया और हवाला कनेक्शन
पुलिस ने ICICI, Yes Bank, HDFC, Kotak Mahindra, SBI, PNB, Canara सहित कुल 11 प्रमुख बैंकों से लेन-देन का रिकॉर्ड खंगाला। जांचकर्ता अधिकारियों का दावा है कि विदेश में निवेश की पुष्टि बैंकिंग और डिजिटल साक्ष्यों से जुड़ती दिख रही है, हालांकि धन के अंतिम उपयोग और रूटिंग की विस्तृत पुष्टि अब केन्द्रीय एजेंसियां करेंगी।

नेताओं की मदद से छिपा आरोपी, युवा कांग्रेसी नेता भी गिरफ्तार
चार्जशीट में यह भी फ़ॉरेन्सिक व तकनीकी जांच के आधार पर दर्ज है कि जांच के दौरान युवा कांग्रेसी नेता आशीष शिंदे (CG 04 PP 0007) ने केके को अपनी कार में छिपाकर नागपुर, फिर दिल्ली पहुंचाया, जहां दोनों करीब एक माह तक छिपे रहे। बाद में केके भोपाल पहुंचा, जबकि शिंदे रायपुर लौट आया। आरोपी को छिपाने और मदद करने के आरोप में पुलिस ने आशीष शिंदे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

कमीशन पर लिए गए बैंक खाते, करोड़ों की रूटिंग
पुलिस के अनुसार, कंचन ने अपने परिचित अब्बास अली और अन्य सहयोगियों के खातों का उपयोग कमीशन पर पैसों के लेन-देन के लिए किया। इन खातों में करोड़ों के संदिग्ध ट्रांजेक्शन दर्ज किए गए हैं, जिन्हें अब मनी-लॉन्ड्रिंग एंगल से ED और CBI जांचेंगी।

ED और CBI जांच में हुई शामिल
चार्जशीट में मनी लॉन्ड्रिंग और महादेव सट्टा नेटवर्क से कनेक्शन का ज़िक्र होने के बाद जांच रिपोर्ट प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई को भेज दी गई है। ED ने जांच शुरू कर दी है, और सीबीआई भी जल्द पूछताछ करेगी। महादेव सट्टा मामले में सीबीआई अब तक 120 से अधिक लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है और दिसंबर में पहली चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।

कंचन रिकॉर्ड में फरार, लेकिन रायपुर–बिलासपुर में देखा गया
इस केस में कंचन और अब्बास अली को पुलिस ने आधिकारिक तौर पर फरार बताया है, हालांकि स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कंचन रायपुर और बिलासपुर में खुलेआम देखा गया। पुलिस ने उसे बनारस से हिरासत में लिया था लेकिन पूछताछ के बाद छोड़ दिया, जबकि FIR में वह नामजद आरोपी है। इसे लेकर केस की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस का पक्ष (ऑफ द रिकॉर्ड):
जांच अधिकारियों का कहना है कि “लेन-देन और निवेश के साक्ष्य गंभीर हैं। विदेश में निवेश और हवाला के रूट की गहन जांच अब ED और CBI करेंगी। किसी भी प्रभाव या दबाव की गुंजाइश नहीं छोड़ते हुए चार्जशीट सौंपी गई है।” यह मामला अब राजनीतिक और वित्तीय प्रभाव, विदेश निवेश, तथा सट्टा-हवाला नेटवर्क के कथित गठजोड़ को लेकर प्रदेश के सबसे चर्चा में रहने वाले केसों में शामिल हो गया है।

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