बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के पुरूर थाना क्षेत्र में मुचलके पर छूटे एक आरोपी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के परिजनों ने थाने में पदस्थ तीन आरक्षकों पर 15 से 20 हजार रुपए की मांग और जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया है। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई। सतनामी समाज, क्रांति सेना और कांग्रेस के पदाधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए करीब छह घंटे तक पुलिस को शव का पंचनामा नहीं करने दिया। जानकारी के मुताबिक, ग्राम मिर्रीटोला वार्ड क्रमांक 12 निवासी पुरानिक जोशी (52) और उनके भतीजे पूनम जोशी को शनिवार शाम करीब 7 बजे पुरूर पुलिस के तीन आरक्षकों ने घर से 6 पौवा देशी शराब के साथ पकड़ा था। दोनों को उसी रात मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि रविवार को पुरानिक जोशी अपने चप्पल लेने थाने गए थे, जहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनसे 15 से 20 हजार रुपए की मांग की और जेल भेजने की धमकी दी। इसके बाद पुरानिक ने मोहल्ले में लोगों को बताया कि वह जेल जाने वाला है और जमानत कराने वाला कोई नहीं है, इसलिए वह आत्महत्या कर लेगा। सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे पुरानिक जोशी का शव उनके पुराने घर में फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया। मिर्रीटोला के पूर्व पंच अजय डहरिया ने बताया कि आत्महत्या से पहले पुरानिक मोहल्ले में घूम-घूमकर कह रहा था कि थाने के तीन कॉन्स्टेबल उससे पैसे मांग रहे हैं। वह काफी डरा हुआ था।
घटना के बाद सतनामी समाज, क्रांति सेना और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा, क्रांति सेना के नेता निखिल दीवान और सतनामी समाज के कोमल संभाकर ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने 24 घंटे के भीतर संबंधित आरक्षकों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद शव को नीचे उतरने दिया। दोपहर करीब 3 बजे गुरुर में पोस्टमॉर्टम के बाद शाम 6 बजे शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मामले में पुरूर थाना प्रभारी मनीष सेन्डे ने पुलिस प्रशासन पर लगे आरोपों को लेकर कहा कि वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।