
19 अगस्त को बोरिद, 23 अगस्त को बटंग और 30 अगस्त को बेल्हारी में होंगे भव्य आयोजन, श्रीरामचरितमानस के प्रचार-प्रसार का लिया संकल्प
जामगांव आर । मानस शक्ति केंद्र बेल्हारी के तत्वावधान में रविवार को अध्यक्ष भेल चंद्राकर के बोरवाय स्थित निवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी गोस्वामी तुलसीदास जयंती समारोह की रूपरेखा तय की गई तथा तुलसी अलंकरण सम्मान के लिए मानस कथाकार एवं भागवताचार्य जागेश्वर प्रसाद शुक्ला का नाम सर्वसम्मति से प्रस्तावित किया गया। बैठक का शुभारंभ पूज्य भागवताचार्य एवं मानस मर्मज्ञ पंडित उमाशंकर शुक्ला महाराज के वैदिक मंत्रोच्चार एवं मंगलाचरण से हुआ। इसके पश्चात भगवान श्रीराम एवं संकटमोचन हनुमान जी का विधिवत पूजन-अर्चन, सुंदरकांड पाठ एवं श्रीरामचरितमानस की आरती संपन्न हुई। भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं ने धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया।
बैठक में मानस शक्ति केंद्र के पदाधिकारी, मातृशक्ति एवं बड़ी संख्या में मानस प्रेमियों ने भाग लिया। इस दौरान आगामी आयोजनों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। जानकारी दी गई कि जिला मानस संघ दुर्ग का आयोजन 19 अगस्त को ग्राम बोरिद, तहसील मानस संघ पाटन का आयोजन 23 अगस्त को ग्राम बटंग तथा मानस शक्ति केंद्र बेल्हारी का आयोजन 30 अगस्त 2026 को बेल्हारी में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। बैठक में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के माध्यम से पाटन अंचल में लगभग 52 वर्ष पूर्व मानस गान प्रतियोगिता की गौरवशाली परंपरा की शुरुआत करने वाले तथा वर्षों से आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना को आगे बढ़ाने वाले पंडित जागेश्वर प्रसाद शुक्ला का नाम तुलसी अलंकरण सम्मान के लिए प्रस्तावित किया गया।
इस अवसर पर पं उमाशंकर शुक्ला महाराज ने अपने उद्बोधन में गोस्वामी तुलसीदास के आदर्शों, श्रीरामचरितमानस की आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्ता तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण में उसकी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए धर्म, सेवा, संस्कार और मानवता के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। तहसील मानस संघ के प्रवक्ता थानूराम देवांगन ने कहा कि श्रीरामचरितमानस भारतीय संस्कृति की आत्मा है। उन्होंने युवाओं को मानस अध्ययन एवं मानस गान से जोड़ने तथा गांव-गांव में सत्संग और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत बनाने का आह्वान किया। डॉ. गुलाब साहू ने कहा कि श्रीरामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि आदर्श जीवन जीने की संपूर्ण जीवनशैली है, जो समाज में प्रेम, समरसता, सदाचार और सेवा की भावना को सुदृढ़ करती है।
कार्यक्रम के अंत में मानस शक्ति केंद्र बेल्हारी के अध्यक्ष भेल चंद्राकर ने सभी संतजनों, अतिथियों, पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए आगामी आयोजनों को भव्य एवं सफल बनाने के लिए सभी से सक्रिय सहयोग की अपील की। बैठक के समापन के बाद श्रद्धालुओं के लिए खिचड़ी प्रसाद एवं जलपान की व्यवस्था की गई। उपस्थित सभी मानस प्रेमियों ने गोस्वामी तुलसीदास जयंती के सभी आयोजनों को श्रद्धा, भव्यता एवं जनसहभागिता के साथ संपन्न कराने तथा श्रीरामचरितमानस के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कमलकिशोर चंद्राकर, ढाल चक्रधारी,पवन चक्रधारी, ओमप्रकाश वारदे, झामनलाल सोनवानी, रमेश चक्रधारी, अनुराग दावना, योगेश निर्मलकर, योगी वारदे, महेश चंद्राकर,योगेश निर्मल,तुकाराम निषाद, उत्तम रिगरी, धनेश्वर साहू, दौलत देवांगन, दुर्गा प्रसाद यादव, तुषार कामरे, राजू चंद्राकर,सौरभ कामरे, विक्रम जोशी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं मानस प्रेमी उपस्थित रहे।