
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की एंजेल चौकसे ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए मिसेज इंडिया इंटरनेशनल क्वीन “अल्लूरिंग” 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। दिल्ली में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश-विदेश की प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए एंजेल ने यह उपलब्धि हासिल की। उनकी सफलता से पूरे बिलासपुर और छत्तीसगढ़ में खुशी का माहौल है।
अपनी जीत के बाद एंजेल चौकसे ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने संयुक्त परिवार, पति, बेटी और परिजनों को दिया। उन्होंने कहा कि यह ताज केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे बिलासपुर और छत्तीसगढ़ का सम्मान है। उन्होंने बताया कि परिवार के विश्वास, सहयोग और त्याग ने ही उन्हें अपने सपनों को साकार करने का आत्मविश्वास दिया। हाल ही में नई दिल्ली के होटल लीला इंटरनेशनल में आयोजित मिसेज इंडिया इंटरनेशनल क्वीन 2026 प्रतियोगिता में भारत के साथ सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, दुबई, कतर, अमेरिका और लंदन से आई प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। पांच दिनों तक चली प्रतियोगिता में कैटवॉक, टैलेंट राउंड, परिचय, प्रश्नोत्तर, ग्रूमिंग और पर्सनैलिटी असेसमेंट जैसे विभिन्न चरणों में एंजेल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विजेता का ताज अपने नाम किया। एंजेल ने बताया कि उनके पति रितेश चौकसे, एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही 21 वर्षीय बेटी विनस चौकसे, माता-पिता और सास-ससुर सभी एक संयुक्त परिवार में साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि परिवार ने कभी उनके सपनों को बोझ नहीं माना, बल्कि हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। इसी समर्थन ने उन्हें वर्षों पुराने सपने को फिर से जीने और उसे साकार करने की प्रेरणा दी।
फैशन और व्यक्तित्व विकास में एंजेल की रुचि छात्र जीवन से ही रही है। होम साइंस की पढ़ाई के दौरान उन्होंने कॉलेज की सौंदर्य प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था, जहां उन्हें ‘मिस होम साइंस’ का खिताब मिला था। उसी समय उन्होंने इस क्षेत्र में आगे बढ़ने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का सपना देखा था। एंजेल ने बताया कि इस प्रतियोगिता की तैयारी उन्होंने पिछले एक वर्ष से की थी। 42 वर्ष की उम्र में इस स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेना आसान नहीं था। इसके लिए उन्होंने नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, कैटवॉक, ग्रूमिंग, पब्लिक स्पीकिंग और व्यक्तित्व विकास पर लगातार मेहनत की। उन्होंने कहा कि रास्ते में कई चुनौतियां आईं, लेकिन आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता ने उन्हें केवल एक ताज ही नहीं दिया, बल्कि विभिन्न देशों की संस्कृति, सोच और जीवनशैली को करीब से जानने और समझने का अवसर भी प्रदान किया। यह अनुभव उनके जीवन की सबसे यादगार उपलब्धियों में से एक रहेगा। देशभर की महिलाओं और बेटियों के लिए संदेश देते हुए एंजेल चौकसे ने कहा कि “सपनों की कोई उम्र नहीं होती। यदि आत्मविश्वास, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो किसी भी उम्र में सफलता हासिल की जा सकती है। महिलाओं को अपने सपनों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए, बल्कि पूरे विश्वास के साथ उन्हें पूरा करने की दिशा में लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।”